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छात्रों को बड़ी राहत, कॉलेजों में खाली पदों पर संविदा से होगी शिक्षकों की भर्ती

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 15 Oct 2026 06:43 PM IST

उत्तराखंड के दो दर्जन डिग्री कॉलेजों में प्राचार्यों की पदोन्नति के लिए डीपीसी होगी। खाली पदों पर संविदा शिक्षकों की भर्ती और हॉस्टल एसओपी के सख्त निर्देश।

Uttarakhand Higher Education Minister Dr Dhan Singh Rawat

मुख्य बातें

  • दो दर्जन डिग्री कॉलेजों में प्राचार्यों की जल्द होगी पदोन्नति।
  • स्थायी भर्ती होने तक संविदा और आउटसोर्स से भरे जाएंगे पद।
  • छात्रावासों के संचालन के लिए एक हफ्ते में बनेगी एसओपी।

देहरादून (15 अक्टूबर) : उत्तराखंड के सरकारी डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई और प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए शासन ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के लगभग दो दर्जन राजकीय महाविद्यालय जो लंबे समय से स्थायी मुखिया यानी प्रिंसिपल के बिना प्रभारियों के भरोसे चल रहे थे, उन्हें जल्द नियमित प्राचार्य मिलेंगे।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित करने के लिए प्रस्ताव तुरंत शासन को भेजने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए नियमित भर्ती होने तक प्राध्यापकों और गैर-शैक्षणिक संवर्ग के रिक्त पदों को संविदा और आउटसोर्स के जरिए भरने का रास्ता साफ कर दिया गया है।

दो दर्जन डिग्री कॉलेजों को जल्द मिलेंगे नियमित प्राचार्य

गुरुवार को शासकीय आवास पर आयोजित उच्च शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री ने महाविद्यालयों में प्रशासनिक शून्यता पर सख्त ऐतराज जताया। उन्होंने उच्च शिक्षा के प्रभारी निदेशक डॉ. ए.एस. उनियाल को निर्देशित किया कि राज्य के करीब 24 महाविद्यालयों में रिक्त चल रहे प्राचार्य के पदों का पूरा विवरण तैयार कर डीपीसी की पत्रावली शासन को उपलब्ध कराई जाए। प्राचार्य बनने की कतार में खड़े वरिष्ठ प्राध्यापकों की पदोन्नति प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी ताकि दूरदराज के पर्वतीय और मैदानी डिग्री कॉलेजों में प्रशासनिक और वित्तीय कार्य बिना किसी अड़चन के सुचारू रूप से चल सकें।

छात्रावास एसओपी में देरी पर अधिकारियों को फटकार

बैठक में राजकीय महाविद्यालयों से जुड़े छात्रावासों की स्थिति पर चर्चा के दौरान अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई। छात्रावासों के संचालन के लिए अब तक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार न होने पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई और जिम्मेदार अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से हॉस्टल संचालन की विस्तृत एसओपी तैयार की जाए। इसका सीधा मकसद यह है कि दूरस्थ क्षेत्रों से आकर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को हॉस्टल में रहने, खाने, सुरक्षा और साफ-सफाई की गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बिना किसी मनमानी के मिल सकें।

संविदा पर भरे जाएंगे शिक्षकों के खाली पद

छात्रों के शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए बैठक में तय हुआ कि जब तक राज्य लोक सेवा आयोग और चयन आयोग से नियमित नियुक्तियां पूरी नहीं होतीं, तब तक कॉलेजों में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की कमी नहीं रहने दी जाएगी। इन सभी खाली पदों को संविदा और आउटसोर्स के माध्यम से तत्काल भरा जाएगा।

इसके अलावा बेतालघाट, पोखड़ा, हल्द्वानी शहर, देहरादून शहर और बेरीनाग डिग्री कॉलेज में चल रहे निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बजट जारी करने के आदेश दिए गए। वहीं, दाखिले और परीक्षा फॉर्म भरने में छात्रों के लिए सिरदर्द बन रहे समर्थ पोर्टल की तकनीकी खामियों को भी तत्काल दूर करने को कहा गया है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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