देहरादून (17 अक्टूबर) : राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर युवाओं को नशे के चंगुल से बाहर निकालने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने एक अनूठी जमीनी मुहिम शुरू की है। पुलिस लाइन देहरादून से 12 जांबाज जवानों का मोटरसाइकिल दस्ता गुजरात के एकता नगर के लिए रवाना किया गया। यह दल सिर्फ सड़क का सफर तय नहीं करेगा, बल्कि रास्ते के हर प्रमुख पड़ाव पर स्कूल-कॉलेजों के छात्रों और युवाओं से रूबरू होकर मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर खुली चर्चा करेगा। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) वी. मुरुगेशन ने हरी झंडी दिखाकर इस दल को रवाना किया।
युवाओं से सीधा संवाद करेगा उत्तराखंड का बाइकर्स दस्ता
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की अगुवाई में आयोजित इस देशव्यापी ‘Fight Against Drugs’ अभियान में उत्तराखंड पुलिस ने युवाओं को सीधे जोड़ने की रणनीति अपनाई है। 12 सदस्यीय यह दल देहरादून से हरिद्वार होते हुए आगे बढ़ेगा। रास्ते के हर पड़ाव पर जवान स्थानीय नागरिकों, कॉलेज छात्रों और युवाओं के बीच जाकर संवाद सत्र करेंगे। यात्रा का मकसद केवल संदेश देना नहीं, बल्कि युवाओं को यह समझाना है कि नशा तस्करी के नेटवर्क और व्यक्तिगत लत को कैसे अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से तोड़ा जा सकता है। डीजीपी ने दल को पूरे सफर के दौरान कड़े अनुशासन और राज्य पुलिस की गरिमा बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।
दिल्ली राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर होगा उत्तरी राज्यों का जमावड़ा
यह अभियान कई चरणों में तय किया गया है। देहरादून से चला यह दस्ता पहले राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेगा, जहां 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर उत्तरी जोन के सभी राज्यों के पुलिस दलों का संयुक्त जमावड़ा होगा। वहां से सभी दल संयुक्त रूप से गुजरात के लिए कूच करेंगे। अभियान का समापन 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर एकता नगर (केवड़िया), गुजरात में आयोजित भव्य राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के साथ होगा। इस दौरान पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम में 300 स्कूली छात्रों समेत लगभग 1,000 लोगों ने एक साथ नशा-मुक्ति की शपथ ली।
जमीनी स्तर पर नशे के नेटवर्क पर होगा कड़ा प्रहार
पुलिस प्रशासन का यह कदम केवल प्रतीकात्मक रैली तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जारी सख्त कानूनी कार्रवाई का ही हिस्सा है। गोष्ठी में विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी अरोड़ा ने विद्यार्थियों को नशे के गंभीर मानसिक और शारीरिक नुकसान के बारे में वैज्ञानिक तथ्यों से रूबरू कराया।
कार्यक्रम में आईजी विम्मी सचदेवा, आईजी कृष्ण कुमार वी.के., आईजी नीलेश आनन्द भरणे, आईजी सुनील कुमार मीणा, डीआईजी धीरेन्द्र गुंज्याल और एसएसपी देहरादून समेत आला अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जागरूकता के साथ-साथ एनडीपीएस (NDPS) मामलों में पैडलर्स और तस्करों पर कानूनी शिकंजा और तेज किया जाएगा।




