छह साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के आरोपित उर्दू टीचर को अंतिम सांस तक कारावास की सजा

छह साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के आरोपित उर्दू टीचर को अंतिम सांस तक कारावास की सजा


कोटा, 10 मई (हि.स.)। नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के पांच माह पुराने मामले में पोस्को कोर्ट क्रम-3 के विशिष्ट विशिष्ट न्यायाधीश दीपक दुबे मंगलवार को आरोपी अब्दुल रहीम (43) निवासी रामपुरा (कोटा) को दोषी करार देते हुए अंतिम सांस तक कारावास की सजा व एक लाख के अर्थदंड से दंडित किया है। अब्दुल रहीम पेशे से उर्दू टीचर था, बच्चों को उर्दू पढ़ाता था। उसने ट्यूशन पढ़ने आई छह साल की मासूम के साथ दुष्कर्म किया था। अब्दुल रहीम के चार बच्चे है। इनमें 1 बेटी व 3 बेटे हैं। अब्दुल 4 महीने पहले ही गांव में आया था। यहां मदरसे में अकेला रहता था।

विशिष्ट लोक अभियोजक ललित शर्मा ने बताया की पीड़ित नाबालिग के परिजनों ने 14 नवंबर को दीगोद थाने में शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि उर्दू टीचर अब्दुल रहीम पिछले 4 महीने से गांव के मदरसे में रहता था और बच्चों को उर्दू की तालीम देता था। उनकी छह साल की बेटी भी उर्दू पढ़ने मौलवी के पास जाती थी। 13 नवंबर को दोपहर 3 बजे ,बेटी उर्दू पढ़ने मौलवी के पास गई थी। 4 बजे रोती हुई घर लौटी। सारी बात बताई। शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 नवंबर को आरोपी मौलवी को गिरफ्तार किया। जांच के बाद 6 जनवरी को कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में फरवरी माह में मौलवी के खिलाफ आरोप तय किए।

हिन्दुस्थान समाचार/राकेश शर्मा/ ईश्वर

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