Uttarakhand : उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक हुई खत्म, इन 6 प्रस्तावों पर लगी मुहर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार 12 सितंबर को सचिवालय में उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें 6 प्रस्तावों पर मुहर लगी. कैबिनेट बैठक में उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी गई है
Uttarakhand : उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक हुई खत्म, इन 6 प्रस्तावों पर लगी मुहर 

देहरादून, 13 सितम्बर , 2023 : विधानसभा का मॉनसून सत्र संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई.

कैबिनेट बैठक में मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, रेखा आर्य, सौरभ बहुगुणा, सतपाल महाराज और प्रेमचंद्र अग्रवाल शामिल हुए. कैबिनेट बैठक संपन्न होने के बाद मुख्य सचिव एसएस संधू ने कैबिनेट की ब्रीफिंग की. कैबिनेट बैठक में मंत्रिमंडल के सम्मुख 6 प्रस्ताव रखे गए थे, जिन पर मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी है.

इन 6 प्रस्तावों पर लगी मुहर

1. निजी सचिव की परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों को अनक्वालिफाई कर दिया गया था. लिहाजा, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इन अभ्यर्थियों को निजी सचिव परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई.
2. औली विकास प्राधिकरण का होगा गठन. पर्यटन विकास के लिए बनेगा प्राधिकरण.
3. उधमसिंह नगर में आने वाले गैस प्लांट में आने वाली गैस पर टैक्स नहीं था. विदेशों से आने वाले गैस लिक्विफाइड पर कोई वैट नहीं था, जबकि एलपीजी पर वैट 20 फीसदी था. अब इस पर वैट को शून्य किया गया है.
4. बदरीनाथ धाम का मास्टर प्लान बनाने वाली कंपनी (आईएनआई डिजाइन स्टूडियो) ही बदरीनाथ में ऐतिहासिक कलाकृतियां को बनाएगी.
5. उद्योग के सेवा क्षेत्र को लेकर पॉलिसी को मिली मंजूरी. स्वास्थ्य, हॉस्पिटैलिटी, होटल, माइंस, योग सेंटर, शिक्षा, फिल्म और मीडिया, स्पोर्ट्स, आईटी सेक्टर को शामिल किया गया है. इन सभी क्षेत्रों में 25 फीसदी कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी.
6. पम्प स्टोरेज प्लांट पॉलिसी को मिली मंजूरी.

इससे पहले बीते 1 सितंबर को मंत्रिमंडल बैठक हुई थी, जिसमें महिला कर्मचारियों को लेकर ये फैसला किया गया था कि राजकीय कर्मचारियों की तरह ही अब संविदा या आउटसोर्स महिला कर्मचारियों को भी 6 महीने का मातृत्व अवकाश मिलेगा.

इसके साथ ही संविदा या आउटसोर्स से भर्ती महिला या पुरुष कर्मचारी को बाल देखरेख अवकाश देने पर भी मंजूरी दी गई थी. वहीं, 24 अगस्त को हुई बैठक में प्रदेश की कई नगर पालिकाओं का विस्तार किया गया था.

साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान मौत होने पर 6 लाख रुपए की धनराशि देने पर मंजूरी हुई थी, जबकि घायलों को 15 हजार और गंभीर रूप से घायलों को एक लाख की धनराशि पर मुहर लगी थी.

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