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1 नवंबर की महारैली पर बवाल, 1984 सिख दंगा पीड़ितों का जख्म कुरेदने का आरोप

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sat, 31 Oct 2026 07:13 PM IST

दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली विपक्ष की महारैली की तारीख पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। महेंद्र भट्ट ने इसे 1984 सिख दंगों के पीड़ितों के जख्म कुरेदना बताया।

BJP Uttarakhand Mahendra Bhatt

मुख्य बातें

  • 1 नवंबर की रैली को 1984 दंगों की बरसी से जोड़ा
  • 4 राज्यों में कांग्रेस सरकार, फिर भी आयोग पर सवाल
  • उत्तराखंड में लगातार 5 चुनावी हार का दिया हवाला

देहरादून (31 अक्टूबर) : दिल्ली में इंडिया गठबंधन के ‘जन महाभियोग’ और 1 नवंबर को होने वाली ‘देश बचाओ, वोट बचाओ’ महारैली की तारीख को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने शनिवार को प्रेस बयान जारी कर रैली के समय पर सवाल दागे। उन्होंने आरोप लगाया कि 1 नवंबर को 1984 के सिख दंगों की बरसी पर रैली करना पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।

सिख दंगा बरसी पर रैली की तारीख को घेरा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने देहरादून में आरोप लगाया कि जिन्होंने संसद को सड़क बनाने का काम किया, वे अब सड़क पर संसद का नाटक रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अपनी चुनावी हार की हताशा को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद सवाल उठा रहे हैं। भट्ट ने कहा कि देश की जनता अब सब समझती है और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाली पार्टियों को बार-बार सिरे से नकार चुकी है।

सात राज्यों में सरकार फिर भी चुनाव आयोग निशाना

महेंद्र भट्ट ने चुनावी नतीजों और संवैधानिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि जिस चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष भ्रम फैला रहा है, उसी व्यवस्था के तहत कांग्रेस 4 राज्यों में और विपक्ष कुल 7 राज्यों में सरकार चला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) से फर्जी और घुसपैठियों के नाम कट रहे हैं, जिससे घबराकर विपक्ष वोट चोरी का मनगढ़ंत नैरेटिव तैयार कर रहा है ताकि संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम किया जा सके।

पांच चुनावों में हार के बाद भी जमीन गायब

उत्तराखंड से विपक्षी कार्यकर्ताओं के दिल्ली कूच के दावों पर तंज कसते हुए भट्ट ने कहा कि राज्य में लगातार 5 चुनावों (लोकसभा और विधानसभा) में जनता कांग्रेस को नकार चुकी है। संगठन और कार्यकर्ताओं के अभाव के चलते कांग्रेस नेताओं के लिए दिल्ली और देहरादून दोनों की सत्ता बेहद दूर है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश के राजनीतिक घटनाक्रम जैसी स्क्रिप्ट देश में आजमाने की साजिशें जनता के सामने कभी कामयाब नहीं होंगी।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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