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Jim Corbett जाने वाले पर्यटक ध्यान दें, अब सफारी के दौरान नहीं ले जा सकेंगे प्लास्टिक की बोतल

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sat, 06 Jun 2026 04:24 PM IST

उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में आगामी अक्तूबर महीने से प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। नए पर्यटन सीजन से पर्यटकों को पीने के लिए डिपॉजिट-रिफंड सिस्टम के तहत कांच की बोतलें उपलब्ध कराई जाएंगी।

Jim Corbett जाने वाले पर्यटक ध्यान दें, अब सफारी के दौरान नहीं ले जा सकेंगे प्लास्टिक की बोतल

मुख्य बातें

  • अक्तूबर से कॉर्बेट के सभी टूरिज्म जोन में प्लास्टिक बोतलें पूरी तरह प्रतिबंधित।
  • पर्यटकों को सफारी के दौरान मिलेंगी दोबारा इस्तेमाल होने वाली कांच की बोतलें।
  • पानी की सप्लाई के लिए टाइगर रिजर्व के अंदर ही लगाया जा रहा है नया बॉटलिंग प्लांट।
  • एंट्री गेट पर डिपॉजिट-रिफंड सिस्टम से मिलेगी बोतल, सुरक्षित वापसी पर वापस होंगे पैसे।

देहरादून, 6 जून (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) को प्लास्टिक प्रदूषण से बचाने के लिए प्रशासन ने एक सख्त कदम उठाया है।

आगामी अक्तूबर महीने से शुरू हो रहे नए पर्यटन सीजन के साथ ही रिजर्व के सभी टूरिज्म जोन में प्लास्टिक की पानी की बोतलों का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। कॉर्बेट प्रशासन ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इस नई व्यवस्था की आधिकारिक घोषणा की है, जिसका मुख्य उद्देश्य रिजर्व के संवेदनशील इकोसिस्टम को सुरक्षित रखना है।

रिजर्व में लग रहा बॉटलिंग प्लांट

नई व्यवस्था के तहत पर्यटकों को प्लास्टिक की जगह कांच की बोतलों में पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व परिसर के भीतर ही एक बॉटलिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी चल रही है। सफारी पर जाने वाले पर्यटकों को एंट्री गेट पर ही इस प्लांट में तैयार साफ पानी से भरी कांच की बोतलें दी जाएंगी, ताकि उन्हें पार्क के अंदर पानी की कोई समस्या न हो।

कैसे काम करेगा डिपॉजिट-रिफंड सिस्टम?

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर साकेत बडोला ने स्पष्ट किया कि कांच की ये बोतलें पर्यटकों को डिपॉजिट-रिफंड सिस्टम के तहत दी जाएंगी। एंट्री गेट पर पर्यटकों को पानी और कांच की बोतल के लिए एक निर्धारित सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी।

सफारी खत्म होने के बाद जब पर्यटक सही-सलामत हालत में कांच की बोतल वापस करेंगे, तो उन्हें जमा की गई रकम रिफंड कर दी जाएगी। इस प्रक्रिया से कांच की बोतलों का सुरक्षित और बार-बार इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सकेगा।

क्यों पड़ी नई व्यवस्था की जरूरत?

वर्तमान में कॉर्बेट आने वाले पर्यटक मुख्य रूप से ‘यूज एंड थ्रो’ वाली प्लास्टिक बोतलों पर निर्भर रहते हैं। डायरेक्टर बडोला के अनुसार, पार्क में प्लास्टिक कचरे को बाहर ले जाने और डिस्पोज़ करने का सिस्टम पहले से मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद प्लास्टिक का पूरी तरह से उन्मूलन नहीं हो पाया है।

मॉनसून के बाद जब नया पर्यटन सीजन शुरू होगा, तो प्रशासन को उम्मीद है कि इस नई पहल से कॉर्बेट के सभी टूरिज्म जोन लगभग पूरी तरह से प्लास्टिक-मुक्त हो जाएंगे।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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