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क्लेमेंटाउन में अकेले रह रहे बुजुर्गों को मिला पुलिस का साथ, सीधे मिले अफसरों के नंबर

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sun, 25 Oct 2026 09:34 PM IST

देहरादून के क्लेमेंटाउन में पुलिस ने बुजुर्गों के घर जाकर साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए और बीट अफसरों के नंबर सौंपकर त्वरित सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

Dehradun Police

मुख्य बातें

  • बुजुर्गों को साइबर अपराध से बचाने पुलिस खुद उनके दरवाजे पहुंची।
  • आपातकालीन स्थिति के लिए बीट अधिकारियों के सीधे नंबर बांटे गए।
  • घरेलू नौकरों और किरायेदारों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश।

देहरादून (25 अक्टूबर) : शहर के रिहायशी इलाकों में अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल ठगी और आपराधिक तत्वों से महफूज रखने के लिए दून पुलिस ने सीधे उनके घरों पर दस्तक दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर रविवार को क्लेमेंटाउन थाना पुलिस ने क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। पुलिस कर्मियों ने बुजुर्गों का कुशलक्षेम पूछने के साथ ही उन्हें बढ़ते साइबर फ्रॉड के नए पैंतरों से सावधान किया। इसके साथ ही आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए थाने के चक्कर कटवाने के बजाय सीधे बीट पुलिस अधिकारियों के व्यक्तिगत संपर्क नंबर बुजुर्गों को सौंपे गए।

साइबर जालसाजी से बुजुर्गों को बचाने पहुंची पुलिस

क्लेमेंटाउन थाना क्षेत्र में चलाए गए इस विशेष संपर्क अभियान के तहत पुलिस टीमें वरिष्ठ नागरिकों के घरों में पहुंचीं। पुलिस अधिकारियों ने बुजुर्गों को सचेत करते हुए बताया कि इन दिनों साइबर जालसाज पेंशन अपडेशन, बैंक केवाईसी, डिजिटल अरेस्ट और बिजली बिल कटने के फर्जी मैसेज भेजकर वरिष्ठ नागरिकों को शिकार बना रहे हैं। संवाद के दौरान पुलिस ने बुजुर्गों को स्पष्ट समझाया कि किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपना ओटीपी या बैंक खाते का विवरण साझा न करें और किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें। पुलिस कर्मियों ने बुजुर्गों को भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह की परेशानी में दून पुलिस हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

किरायेदार और घरेलू नौकरों का अनिवार्य सत्यापन जरूरी

मुलाकात के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े एक अहम कानूनी पहलू पर कड़ा रुख दिखाया। पुलिस ने सभी वरिष्ठ नागरिकों को ताकीद की कि वे अपने घरों में काम करने वाले घरेलू नौकरों और रहने वाले किरायेदारों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिना पहचान जांच के रखे गए बाहरी लोग अकेले रहने वाले बुजुर्गों की दिनचर्या की रेकी कर बड़ी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। पुलिस ने अपील की कि नागरिक उत्तराखंड पुलिस की डिजिटल सेवा अथवा नजदीकी थाने के जरिए सत्यापन फॉर्म भरकर अपनी सुरक्षा को पुख्ता करें।

आपात स्थिति के लिए सीधे बीट नंबर जारी

अक्सर थानों के सामान्य फोन नंबर व्यस्त रहने या बुजुर्गों के थाने तक न पहुंच पाने की मजबूरी को देखते हुए पुलिस ने जमीनी स्तर पर राहत दी। अभियान के दौरान आपातकालीन हेल्पलाइन 112 की जानकारी देने के साथ-साथ थानाध्यक्ष क्लेमेंटाउन और संबंधित बीट के पुलिसकर्मियों के सीधे मोबाइल नंबर वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध कराए गए, ताकि संकट के समय बिना देरी के तुरंत खाकी मौके पर पहुंच सके। पुलिस की इस संवेदनशील पहल पर स्थानीय बुजुर्गों ने राहत जताते हुए आभार जताया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह डोर-टू-डोर अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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