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Fod Poisoning Complications : फूड पॉइजनिंग को सिर्फ पेट की बीमारी न समझें, आंखों पर भी पड़ सकता है असर

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rama Pun Updated Sun, 23 Aug 2026 11:48 PM IST

फूड पॉइजनिंग को आमतौर पर केवल उल्टी और दस्त तक सीमित माना जाता है, लेकिन इसके टॉक्सिन्स शरीर के नर्वस सिस्टम और आंखों की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। समय रहते लक्षणों की पहचान और सही खान-पान से इसके गंभीर खतरों से बचा जा सकता है।

Fod Poisoning Complications

Fod Poisoning Complications : बाहर का कुछ उल्टा-सीधा खाने के बाद जब पेट खराब होता है, तो ज्यादातर लोग इसे मामूली अपच मानकर घर पर ही ओआरएस या सादा पानी पीकर छोड़ देते हैं।

पेट में मरोड़, दस्त और उल्टी होना फूड पॉइजनिंग के आम संकेत हैं, लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। जब बैक्टीरिया शरीर में गहरे उतरते हैं, तो इसका असर आंतों से निकलकर किडनी, नसों और आंखों तक पहुंच सकता है।

दूषित भोजन या पानी के जरिए शरीर में जाने वाले बैक्टीरिया—जैसे ई. कोलाई (E. coli), साल्मोनेला (Salmonella) और लिस्टेरिया (Listeria)—कई बार ऐसे टॉक्सिन छोड़ते हैं जो पूरे शरीर में सूजन बढ़ा देते हैं।

आंखों की सेहत पर कैसे पड़ता है असर?

पेट खराब होने पर पोषक तत्वों का अवशोषण रुक जाता है। जब बार-बार फूड पॉइजनिंग होती है या संक्रमण लंबा खिंचता है, तो शरीर में जरूरी विटामिन्स और खनिजों की भारी कमी हो जाती है।

इसका सीधा असर आंखों की टियर फिल्म (आंसू बनाने वाली परत) पर पड़ता है, जिससे आंखों में सूखापन (Dry Eyes) और लगातार जलन की समस्या शुरू हो सकती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक पोषक तत्वों की कमी रेटिना और मैक्युला की क्षमता को भी कमजोर करती है।

कुछ मामलों में बैक्टीरिया के टॉक्सिन्स नर्वस सिस्टम को प्रभावित करते हैं, जिससे धुंधला दिखाई देना या आंखों के आगे चक्कर आना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

सिर्फ पेट दर्द नहीं, इन लक्षणों पर भी रखें नजर

फूड पॉइजनिंग केवल पेट के मरोड़ तक सीमित नहीं रहती। जब संक्रमण बढ़ता है, तो शरीर कुछ ऐसे संकेत देता है जिन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए:

  • तेज बुखार के साथ मांसपेशियों और जोड़ों में भारी दर्द
  • सिर में लगातार भारीपन या भ्रम की स्थिति होना
  • आंखों के आगे अंधेरा छाना या नजर का धुंधला होना
  • मुंह और होंठों का सूखना तथा पेशाब का रंग गहरा होना
  • जरूरत से ज्यादा कमजोरी और बिना काम किए अत्यधिक थकान

कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना जरूरी है?

यदि शरीर से पानी बहुत तेजी से निकल रहा हो तो डिहाइड्रेशन जानलेवा भी हो सकता है। कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं जहां घरेलू नुस्खों के बजाय सीधे डॉक्टर से मिलना चाहिए:

  • अगर दस्त में खून आ रहा हो
  • बुखार 102°F (39°C) से ऊपर पहुंच जाए
  • उल्टी इतनी ज्यादा हो कि एक घूंट पानी भी पेट में न टिके
  • लक्षण लगातार तीन दिन से ज्यादा बने रहें
  • बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं में संक्रमण के शुरुआती लक्षण दिखें

बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतें?

फूड पॉइजनिंग से बचने का सबसे सीधा रास्ता किचन की साफ-सफाई से शुरू होता है। कच्ची सब्जियों और मीट को पके हुए खाने से हमेशा अलग रखें।

बासी खाने को दोबारा गर्म करते समय अच्छी तरह पकाएं ताकि बैक्टीरिया नष्ट हो सकें। पीने के लिए केवल उबले हुए या फिल्टर पानी का इस्तेमाल करें और भोजन छूने से पहले हाथ साबुन से जरूर धोएं।

Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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