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हरिद्वार जिला पंचायत को छोड़ पूरे उत्तराखंड में चुनावी सरगर्मी, आयोग ने घोषित किया मतदाता सूची का शेड्यूल

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sat, 05 Sep 2026 05:29 PM IST

उत्तराखंड में हरिद्वार को छोड़ बाकी सभी जिलों में जिला योजना समिति के सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 8 से 15 सितंबर तक तैयार होगी अंतिम निर्वाचक नामावली।

Uttarakhand District Planning Committee Election

मुख्य बातें

  • 8 सितंबर को निर्वाचक नामावली के ड्राफ्ट का सार्वजनिक प्रकाशन किया जाएगा।
  • हरिद्वार जिला पंचायत क्षेत्र को इस चुनावी प्रक्रिया से फिलहाल बाहर रखा गया है।
  • दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की गई।
  • सभी प्राप्त आपत्तियों का अंतिम निस्तारण 12 सितंबर को पूरा किया जाएगा।
  • फाइनल निर्वाचक नामावली 15 सितंबर को औपचारिक रूप से जारी होगी।

दून हॉराइज़न, देहरादून (05 सितंबर): प्रदेश भर में त्रिस्तरीय पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकायों की राजनीति से जुड़ा बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने हरिद्वार जिला पंचायत के प्रादेशिक क्षेत्र को अलग रखते हुए बाकी सभी जनपदों में जिला योजना समिति (District Planning Committee) के सदस्यों के चुनाव की उल्टी गिनती शुरू कर दी है।

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इसके लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने का विस्तृत टाइम-टेबल जारी कर दिया गया है। तैयारियां तेज हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार के मुताबिक मतदाता सूची की प्राथमिक रूपरेखा यानी आलेख्य का प्रकाशन 8 सितंबर 2026 को किया जाएगा। इसके तुरंत बाद संबंधित निर्वाचित प्रतिनिधियों और दावेदारों को सूची के मुआयने का मौका मिलेगा। यदि किसी नाम, पते या प्रविष्टि पर कोई सवाल है, तो 10 सितंबर को निरीक्षण के साथ ही दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।

आयोग ने साफ किया है कि इन सभी आपत्तियों की विधिवत सुनवाई और निस्तारण 12 सितंबर तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 15 सितंबर को अंतिम रूप से तैयार संशोधित निर्वाचक नामावली सार्वजनिक कर दी जाएगी।

प्रशासनिक स्तर पर पूरी कमान जिले के डीएम के हाथों में होगी। निर्धारित गाइडलाइंस के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट बतौर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) जिला पंचायत और नागर स्थानीय निकायों के निर्वाचित सदस्यों की इस वोटर लिस्ट का व्यापक प्रचार-प्रसार करवाएंगे। सूचनाएं केवल अखबारों तक सीमित नहीं रहेंगी। आम निर्वाचक मंडल की सुगमता के लिए ड्राफ्ट और फाइनल सूचियां कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत मुख्यालयों और संबंधित नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा की जाएंगी।

हरिद्वार का पेंच अलग है। दरअसल हरिद्वार जिले का पंचायती कार्यकाल शेष 12 जिलों के साथ तालमेल में नहीं रहता, जिसके चलते वहां का चुनावी चक्र हमेशा बाकी राज्य से भिन्न समय पर चलता रहा है। यही वजह है कि हरिद्वार जिला पंचायत क्षेत्र को इस तात्कालिक कवायद से बाहर रखा गया है। चूंकि जिलों के वार्षिक विकास बजट और विकास योजनाओं के अंतिम अनुमोदन में जिला योजना समिति की भूमिका निर्णायक होती है, ऐसे में 15 सितंबर के बाद मतदान की तारीखों का ऐलान होते ही स्थानीय सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंचना तय माना जा रहा है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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