देहरादून (26 अक्टूबर) : अंकिता भंडारी प्रकरण से सुर्खियों में आईं अभिनेत्री उर्मिला सनावर के जेल जाते ही उनकी कानूनी परेशानियां और बढ़ गई हैं। रविवार रात 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद अब देहरादून की नगर कोतवाली में उनके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है। ताजा मामले में एक राज्यपाल, भाजपा के वरिष्ठ नेता और एक महिला पर बिना साक्ष्य आपत्तिजनक बयान देकर प्रतिष्ठा धूमिल करने और समाज में अशांति फैलाने का आरोप लगा है।
जेल पहुंचते ही दर्ज हुआ एक और नया मुकदमा
नगर कोतवाली प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट के अनुसार, मोती बाजार निवासी सागर की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायत में बताया गया कि हरिद्वार रोड स्थित सीबीआई कोर्ट परिसर के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिस पर सुजाता पॉल का लोगो है। आरोप है कि वीडियो में उर्मिला सनावर ने मीडिया के कैमरों के सामने संवैधानिक पद पर आसीन एक राज्य के राज्यपाल, भाजपा के वरिष्ठ नेता और एक महिला के खिलाफ बेबुनियाद व मानहानिकारक आरोप लगाए, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और भ्रम फैलने की आशंका बनी।
पूर्व विधायक की बेटी की शिकायत पर हुई थी गिरफ्तारी
उर्मिला सनावर को रविवार को ही हरिद्वार की रानीपुर कोतवाली पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। ज्वालापुर के पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौड़ की बेटी ने 24 अक्टूबर को रानीपुर कोतवाली में तहरीर दी थी, जिसमें सोशल मीडिया पर अश्लील और अमर्यादित टिप्पणियां कर परिवार की छवि खराब करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने रात में ही कोर्ट में पेश कर उर्मिला को न्यायिक हिरासत में भेजा था। ताजा मामले को मिलाकर उर्मिला सनावर के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों का आंकड़ा अब 12 तक पहुंच चुका है।
बीएनएस की चार गंभीर धाराओं में जांच शुरू
देहरादून पुलिस ने शिकायत के आधार पर उर्मिला सनावर और एक अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 (महिला की लज्जा का अनादर), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 353 (झूठी जानकारी या अफवाह फैलाना) और 356 (मानहानि) के तहत मामला कायम किया है। नगर कोतवाली पुलिस ने प्रकरण की विवेचना वरिष्ठ उपनिरीक्षक राकेश रावत को सौंपी है। पुलिस अब वीडियो के स्रोत, अपलोडिंग नेटवर्क और संबंधित अज्ञात व्यक्ति की भूमिका की तकनीकी जांच कर रही है।




