देहरादून (26 अक्टूबर) : राजधानी देहरादून में बिना पुलिस सत्यापन किराएदार रखना मकान मालिकों की जेब पर भारी पड़ गया है। वसंत विहार थाना पुलिस ने सोमवार को ऋषि विहार, हरबंसवाला और भट्टा कॉलोनी में सघन चेकिंग अभियान चलाकर 17 ऐसे मकान मालिकों का 83 पुलिस एक्ट में चालान किया, जिन्होंने अपने यहां रहने वाले बाहरी लोगों की जानकारी थाने में दर्ज नहीं कराई थी। पुलिस ने मौके पर ही इन सभी पर कुल 1 लाख 70 हजार रुपये का जुर्माना ठोका, यानी प्रत्येक मकान मालिक को 10-10 हजार रुपये की चपत लगी। इस दौरान 176 किराएदारों की जांच की गई और संदिग्ध मिले 6 अन्य लोगों पर भी कानूनी कार्रवाई की गई।
बिना सत्यापन किराएदार रखने पर भारी आर्थिक दंड
एसएसपी देहरादून के कड़े निर्देशों के बाद वसंत विहार पुलिस की अलग-अलग टीमों ने सुबह ही कॉलोनियों में दस्तक दी। पुलिस टीमों ने घर-घर जाकर किराएदारों के पहचान पत्र, मूल निवास का विवरण और उनके कामकाज की तस्दीक की। जांच में सामने आया कि 17 मकान मालिकों ने लंबे समय से किराएदार रखने के बावजूद थाने में उनका सत्यापन फॉर्म जमा नहीं किया था। पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत सीधे कार्रवाई करते हुए टीम ने 1.70 लाख रुपये का संयुक्त चालान काटा। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी भवन स्वामी को अब कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
शहर की सुरक्षा और बाहरी संदिग्धों पर निगरानी
राजधानी में बढ़ते अपराध और संदिग्ध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए यह अभियान छेड़ा गया है। हाल के दिनों में सामने आए आपराधिक मामलों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी थाना प्रभारियों को बाहरी कामगारों और किराएदारों का सौ फीसदी भौतिक सत्यापन करने के आदेश दिए हैं। अभियान के दौरान पूर्व में आपराधिक इतिहास वाले लोगों को भी तलब किया गया और उन्हें किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में दोबारा शामिल होने पर सख्त जेल भेजने की चेतावनी दी गई।
छह संदिग्धों पर कार्रवाई और आगे का प्लान
चेकिंग के दौरान स्पष्ट पहचान पत्र न दिखा पाने और इलाके में संदिग्धावस्था में घूम रहे 6 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। इन सभी के खिलाफ 81 पुलिस एक्ट के तहत चालान कर 2,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया और इनके मूल पतों की पुष्टि के लिए संबंधित राज्यों के थानों से संपर्क साधा गया है। पुलिस प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति, नौकर या किराएदार को रखने से पहले नजदीकी थाने या ‘उत्तराखंड पुलिस ऐप’ के जरिए ऑनलाइन सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं, ताकि भविष्य में भारी जुर्माने और कानूनी झंझटों से बचा जा सके।




