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Chardham Yatra 2026 : अक्षय तृतीया पर खुले गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट, जानें गैर-सनातनियों के लिए क्या हैं नए नियम

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sun, 19 Apr 2026 08:38 PM IST

उत्तराखंड में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस वर्ष यात्रा प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ मंदिर की मर्यादा बनाए रखने के लिए मोबाइल प्रतिबंध और गैर-सनातनियों के प्रवेश हेतु सख्त नियमावली लागू की है।

Chardham Yatra 2026 : अक्षय तृतीया पर खुले गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट, जानें गैर-सनातनियों के लिए क्या हैं नए नियम

मुख्य बातें

  • गंगोत्री और यमुनोत्री में पहली विशेष पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संपन्न हुई।
  • गंगोत्री में प्रवेश के लिए पंचगव्य अनिवार्य, जबकि बदरी-केदार के लिए हलफनामा देना होगा।
  • मंदिर परिसरों में रील और फोटोग्राफी रोकने के लिए मोबाइल और कैमरों पर पूर्ण प्रतिबंध।

उत्तरकाशी, 19 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा (Chardham Yatra 2026) का रविवार को अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त पर भव्य आगाज हो गया। उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। परंपरा के अनुसार, दोनों ही धामों में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई।

गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर करीब 12:15 बजे खोले गए, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यात्रा की सफलता और देश की खुशहाली की कामना की। इसके ठीक बाद दोपहर 12:35 बजे यमुनोत्री धाम के द्वार भी भक्तों के लिए खोल दिए गए। सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण ये मंदिर अक्टूबर-नवंबर से बंद थे, जो अब छह माह तक दर्शन के लिए खुले रहेंगे।

गैर-सनातनियों के प्रवेश पर नई शर्तें

इस वर्ष की यात्रा में सबसे बड़ा बदलाव गैर-सनातनियों के प्रवेश को लेकर देखा जा रहा है। अलग-अलग मंदिर समितियों ने अपने स्तर पर कड़े नियम लागू किए हैं:

  • गंगोत्री धाम: मंदिर समिति ने निर्णय लिया है कि गैर-सनातनियों को धाम में प्रवेश से पूर्व पंचगव्य (गोबर, गोमूत्र, दूध, दही और घी का मिश्रण) ग्रहण करना अनिवार्य होगा।
  • बदरीनाथ-केदारनाथ: इन दोनों धामों में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट करने वाला एक औपचारिक हलफनामा (Affidavit) देना होगा।
  • यमुनोत्री धाम: यमुनोत्री मंदिर समिति ने एक अलग रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि वे किसी भी जाति या धर्म का भेदभाव किए बिना सभी श्रद्धाभाव से आने वाले भक्तों का स्वागत करेंगे।

मंदिर परिसर में मोबाइल पर पूर्ण पाबंदी

चारधामों की मर्यादा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने इस बार कड़े कदम उठाए हैं। चारों धामों के मंदिर परिसरों के भीतर मोबाइल फोन और कैमरा ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय पिछले वर्षों में मंदिर के भीतर सोशल मीडिया रील बनाने और फोटोग्राफी से पैदा हुए विवादों को देखते हुए लिया गया है।

अब तक 19 लाख पंजीकरण

यात्रा को लेकर इस वर्ष भी श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 19 लाख श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से अपना पंजीकरण करा चुके हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 51 लाख के पार पहुंचा था, जिसे देखते हुए इस बार प्रशासन ने और भी व्यापक इंतजाम किए हैं।

आगामी कपाट खुलने का कार्यक्रम

धाम का नाम जिला कपाट खुलने की तिथि
केदारनाथ रुद्रप्रयाग 22 अप्रैल 2026
बदरीनाथ चमोली 23 अप्रैल 2026

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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