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कुंभ मेले की तैयारियों के बीच आज रात से थमेगा गंगनहर का पानी, इन जिलों में गहराएगा पानी का संकट

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Tue, 20 Oct 2026 02:15 PM IST

हरिद्वार में आज रात से गंगनहर की वार्षिक बंदी शुरू हो रही है। नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ समेत पश्चिमी यूपी में जलापूर्ति और निर्माण कार्यों पर असर पड़ेगा।

ganga canal closure

मुख्य बातें

  • मंगलवार रात से शुरू होगी गंगनहर की वार्षिक बंदी और सफाई कार्य
  • नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत कई इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होगी
  • कुंभ मेले की तैयारियों के तहत गंगनहर किनारे नए घाटों का निर्माण तेज होगा

हरिद्वार (20 अक्टूबर) : उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों और एनसीआर के लिए बड़ी खबर सामने आई है। हरिद्वार से निकलने वाली गंगनहर का पानी मंगलवार रात से पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यूपी सिंचाई विभाग हर साल की तरह इस बार भी दशहरे से दीपावली के बीच वार्षिक मेंटेनेंस, सिल्ट निकालने और साफ-सफाई के लिए यह कदम उठा रहा है।

हालांकि, इस बार इस बंदी का सबसे बड़ा और खास पहलू आगामी कुंभ मेले की तैयारियां है, जिसके तहत नहर के बहाਵ को रोककर युद्धस्तर पर घाटों का निर्माण किया जाएगा, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

गंगनहर बंदी से नोएडा-गाजियाबाद में जलापूर्ति प्रभावित

हरिद्वार से निकलकर कानपुर तक जाने वाली इस विशाल नहर के बंद होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों की धड़कनें बढ़ गई हैं। नोएडा, एनसीआर, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत दर्जनों इलाकों में पेयजल और सिंचाई दोनों के लिए गंगनहर के पानी पर भारी निर्भरता है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पानी का लगातार बहाव रहने के कारण नहर के कई हिस्सों में तकनीकी मरम्मत और सफाई करना संभव नहीं होता। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए पेयजल संकट को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी झेलनी पड़े।

कुंभ मेले की तैयारियों को मिलेगी रफ्तार

इस वार्षिक बंदी का एक और अहम पहलू हरिद्वार में होने वाले आगामी कुंभ मेले की तैयारियां हैं। कुंभ के बजट से गंगनहर के किनारे करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबे नए गंगा घाटों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। पानी का तेज बहाव होने के कारण कई जगहों पर निर्माण कार्य की गति धीमी पड़ गई थी। अब पानी रुकने के बाद इन विकास कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का बड़ा मौका प्रशासन को मिल गया है, जिससे परियोजना को समय पर अमलीजामा पहनाया जा सके।

हर की पैड़ी पर स्नान के लिए विशेष व्यवस्था

हर साल जब गंगनहर का पानी रोका जाता है, तो भीमगोडा बैराज से आने वाली मुख्य धारा प्रभावित होती है और शुरुआती दिनों में हर की पैड़ी पर भी जलस्तर काफी कम हो जाता है। इसे देखते हुए इस बार प्रशासन ने विशेष एहतियात बरती है ताकि श्रद्धालुओं की आस्था आहत न हो और हर की पैड़ी पर गंगा स्नान के लिए निरंतर जलापूर्ति बनी रहे।

सभी प्रशासनिक और तकनीकी कार्य पूरे होने के बाद दीपावली की मध्य रात्रि को गंगनहर में पुनः पानी छोड़ दिया जाएगा, जिससे स्थिति सामान्य हो जाएगी।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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