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देहरादून के यात्रियों को बड़ी राहत: अब जौलीग्रांट नहीं, शहर के पास सहस्रधारा से मिलेंगी हेली सेवाएं

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sun, 05 Apr 2026 08:25 PM IST

उत्तराखंड सरकार जौलीग्रांट एयरपोर्ट से संचालित होने वाली सभी हेली सेवाओं को देहरादून के सहस्रधारा हेलीड्रोम में शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है। इस फैसले से यात्रियों का सफर किफायती होगा और शहर से एयरपोर्ट जाने में लगने वाले समय की भारी बचत होगी।

देहरादून के यात्रियों को बड़ी राहत: अब जौलीग्रांट नहीं, शहर के पास सहस्रधारा से मिलेंगी हेली सेवाएं

मुख्य बातें

  • जौलीग्रांट से सहस्रधारा हेलीड्रोम शिफ्ट होंगी सभी आरसीएस और कमर्शियल हेली सेवाएं।
  • यात्रियों को देहरादून शहर से 30 किमी दूर एयरपोर्ट जाने के झंझट से मिलेगी मुक्ति।
  • यूकाडा के प्रस्ताव को मुख्य सचिव की समिति ने दी मंजूरी, अब केंद्र की हरी झंडी का इंतजार।

देहरादून, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड की राजधानी में हवाई कनेक्टिविटी को नया आयाम देने के लिए सरकार ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट से संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं को सहस्रधारा हेलीड्रोम स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) यात्रियों की सहूलियत को देखते हुए इस बड़े बदलाव के प्रस्ताव को अंतिम रूप दे चुका है।

वर्तमान में यात्रियों को हेलीकॉप्टर पकड़ने के लिए देहरादून शहर से करीब 25 से 30 किलोमीटर का सफर तय कर जौलीग्रांट पहुंचना पड़ता है। इस लंबी दूरी के कारण न केवल यात्रियों का कीमती समय बर्बाद होता है, बल्कि टैक्सी और परिवहन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता है।

सहस्रधारा हेलीड्रोम शहर के बेहद नजदीक स्थित है, जिससे स्थानीय कनेक्टिविटी को जबरदस्त मजबूती मिलेगी। इस बदलाव के बाद ‘उड़ान’ योजना और रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के तहत चलने वाली सभी हेली सेवाएं एक ही छत के नीचे आ जाएंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि जौलीग्रांट में फिक्स्ड-विंग विमानों के बढ़ते दबाव और रनवे ट्रैफिक को देखते हुए यह फैसला तकनीकी रूप से भी अहम है। सहस्रधारा में ईंधन भरने (रीफ्यूलिंग) की सुविधा के साथ-साथ आवश्यक तकनीकी ढांचा और यात्री लाउंज पहले से ही क्रियाशील हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में इस स्थानांतरण पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। यह कदम विशेष रूप से चारधाम यात्रा और उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा को सरल और अधिक किफायती बना देगा।

यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान के मुताबिक, यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना को जल्द ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) को भेजा जाएगा, जहां से मंजूरी मिलते ही इसे धरातल पर उतार दिया जाएगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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