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Chardham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा पर भ्रामक वीडियो शेयर किया तो जाना पड़ सकता है जेल, पर्यटन विभाग सख्त

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Tue, 21 Apr 2026 02:14 PM IST

उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने चारधाम यात्रा के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, जिसमें सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टोकन व्यवस्था और साइबर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

Chardham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा पर भ्रामक वीडियो शेयर किया तो जाना पड़ सकता है जेल, पर्यटन विभाग सख्त

मुख्य बातें

  • सोशल मीडिया पर फर्जी संदेश या वीडियो साझा करने पर होगी कानूनी एफआईआर।
  • हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग में धोखाधड़ी रोकने के लिए '1930' हेल्पलाइन सक्रिय।
  • पंजीकरण के बाद दर्शन के लिए अनिवार्य की गई टोकन और बायोमेट्रिक व्यवस्था।

देहरादून, 21 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर पर्यटन विभाग ने कमर कस ली है। विभाग ने सोमवार को एक विस्तृत आधिकारिक गाइडलाइन जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यात्रा से संबंधित किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी, फर्जी संदेश या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करना अब भारी पड़ सकता है। गलत सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ विभाग न केवल नजर रख रहा है, बल्कि उनके विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि फर्जी सूचनाएं न केवल श्रद्धालुओं को भ्रमित करती हैं, बल्कि इससे सार्वजनिक व्यवस्था और जनभावनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।

साइबर ठगी पर सीधी चोट

यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग के नाम पर होने वाली साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए विभाग ने विशेष निगरानी तंत्र तैयार किया है। यदि किसी यात्री के साथ फर्जी वेबसाइट के जरिए ठगी होती है, तो वे तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, देहरादून साइबर अपराध पुलिस स्टेशन के फोन नंबर 0135-2655900 और आधिकारिक ईमेल पर भी संपर्क किया जा सकता है।

दर्शन के लिए टोकन और सत्यापन अनिवार्य

भीड़ नियंत्रण और पारदर्शिता के लिए इस बार धामों में दर्शन हेतु टोकन व्यवस्था लागू की गई है। श्रद्धालुओं को पंजीकरण दस्तावेजों के सत्यापन के बाद कुछ ही सेकंड में टोकन मिल जाएगा। यह सुविधा जानकीचट्टी, यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, और ऋषिकेश आईएसबीटी सहित प्रमुख पड़ावों पर उपलब्ध होगी। ऑफलाइन पंजीकरण कराने वालों के लिए आधार प्रमाणीकरण और फेस आईडी से जुड़े यूनिक क्यूआर कोड युक्त टिकट जारी किए जा रहे हैं।

सेहत और सुरक्षा का रखें ध्यान

पहाड़ों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विभाग ने यात्रियों को कम से कम सात दिन का यात्रा प्लान बनाने की सलाह दी है। गाइडलाइन के अनुसार, ऊंचे क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और ठंड से बचने के लिए स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य है। विशेष रूप से 55 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों को श्वसन व्यायाम और पैदल चलने के अभ्यास की सलाह दी गई है। प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में रियल-टाइम अपडेट पाने के लिए यात्रियों को ‘सचेत’ मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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