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मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलेगी आधुनिक शिक्षा, “शिक्षा में न कोई अल्पसंख्यक, न बहुसंख्यक”

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Tue, 28 Apr 2026 07:59 PM IST

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में मदरसों के आधुनिकीकरण और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय वृद्धि पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा में भेदभाव को खत्म कर मदरसों में साइंस और AI जैसी तकनीक लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलेगी आधुनिक शिक्षा, "शिक्षा में न कोई अल्पसंख्यक, न बहुसंख्यक"

मुख्य बातें

  • मदरसों के छात्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए साइंस, टेक्नोलॉजी और AI पर फोकस।
  • शिक्षा के क्षेत्र में अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक के भेद को खत्म करने का आह्वान।
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों पर भविष्य में सकारात्मक निर्णय का आश्वासन।

देहरादून, 28 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान राज्य में शिक्षा सुधारों और सामाजिक सद्भाव को लेकर सरकार का दृष्टिकोण साझा किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि उत्तराखंड सरकार शिक्षा के नाम पर समाज को बांटने के पक्ष में नहीं है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में रहने वाले सभी नागरिकों को समान शिक्षा का अधिकार है और सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

मदरसों में आधुनिक शिक्षा और तकनीक पर जोर

मुख्यमंत्री ने मदरसा शिक्षा में बड़े बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि मदरसा बोर्ड के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वहां पढ़ने वाले बच्चों को भी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। सीएम धामी ने कहा, “मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का लाभ मिलना चाहिए।

हम चाहते हैं कि हर बच्चा आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए तैयार हो।” उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा के मामले में अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक का कोई भेद नहीं होना चाहिए, क्योंकि साक्षर समाज ही राज्य की उन्नति का आधार है।

विरासत से सीख और भविष्य का रोडमैप

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार विरासत और इतिहास से सबक लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि इतिहास में कुछ गलतियां हुई हैं या कुछ अच्छा नहीं हुआ है, तो उसे स्वीकार कर सुधारना जरूरी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का लक्ष्य आपसी सद्भाव को बढ़ाना है और किसी भी वर्ग को विकास की दौड़ में पीछे नहीं छोड़ना है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय पर स्पष्टता

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मुद्दे पर विपक्ष और जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ही उनके मानदेय में वृद्धि की गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपनी मांगों के लिए सरकार से काफी उम्मीदें हैं। सीएम ने भरोसा दिलाते हुए कहा, “चूंकि हमने पहले भी मानदेय बढ़ाया है, इसलिए उनकी भविष्य की मांगों को भी हमारी सरकार ही पूरा करेगी।”

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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