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देहरादून से सीएम धामी का बड़ा ऐलान, 11 हजार छात्रों को मिलेगी फ्री कोचिंग

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Mon, 07 Sep 2026 08:32 PM IST

उत्तराखंड के डिग्री कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के 11 हजार छात्रों को अब प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी। सीएम धामी ने योजना शुरू करते हुए युवा आयोग के गठन का भी ऐलान किया।

Uttarakhand free coaching scheme

मुख्य बातें

  • पहले चरण में 11,000 छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी।
  • राज्य के सरकारी कॉलेजों और राज्य विश्वविद्यालयों के छात्र योजना के लिए पात्र होंगे।
  • युवाओं की नीतियों और रोजगार विषयों के लिए प्रदेश में अलग 'युवा आयोग' बनेगा।
  • उच्च शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान: छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं को 50% आरक्षण मिलेगा।
  • ई-ग्रंथालय प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों को लगभग 20 लाख डिजिटल पुस्तकों तक पहुंच दी गई।

दून हॉराइज़न, देहरादून (07 सितंबर): आर्थिक तंगी या महानगरों के महंगे कोचिंग संस्थानों तक पहुंच न होना अब पहाड़ के होनहारों के सपनों में रुकावट नहीं बनेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन से ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ (Mukhyamantri Yuva Bhavishya Nirman Yojana) का विधिवत शुभारंभ किया।

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पहल का सीधा मकसद राज्य के सरकारी और एडेड डिग्री कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को सिविल सेवा, एसएससी और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की पेशेवर तैयारी बिना किसी खर्च के उनके घर तक पहुंचाना है।

तैयारी का स्तर अब बड़े शहरों के बराबर होगा। शुरुआती चरण में 11 हजार मेधावियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए इस कोचिंग नेटवर्क से सीधे जोड़ा जा रहा है।

पर्वतीय जिलों के युवाओं पर फोकस, खुलेगा अलग युवा आयोग

योजना के तहत राज्य के राजकीय महाविद्यालयों, सहायता प्राप्त अशासकीय कॉलेजों और स्टेट यूनिवर्सिटीज के नियमित छात्र-छात्राएं सीधे ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सीमांत और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन मार्गदर्शन और सही रणनीति के अभाव में छात्र पिछड़ जाते थे। सरकार ने इसी फासले को पाटने के लिए यह कदम उठाया है।

कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने यह भी साझा किया कि राज्य के ढाई लाख से अधिक छात्रों के साथ संवाद के आधार पर उत्तराखंड में जल्द ही एक अलग ‘युवा आयोग’ (Youth Commission) गठित किया जाएगा। यह आयोग युवाओं के रोजगार, नीतिगत सुझावों और करियर से जुड़े मसलों पर सीधे शासन स्तर पर निगरानी रखेगा। उन्होंने दावा किया कि बीते पांच वर्षों में कड़े नकल-रोधी कानून की बदौलत राज्य में 34 हजार से ज्यादा युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां मिली हैं।

छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं को 50% आरक्षण, 20 लाख डिजिटल किताबें सुलभ

समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़ा एक और अहम प्रशासनिक फैसला साझा किया। डॉ. रावत के मुताबिक, इसी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के छात्रसंघ चुनाव (Student Union Elections) में छात्राओं के लिए 50 फीसदी पद आरक्षित किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता और महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिहाज से इसे ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने ‘ई-ग्रंथालय’ प्रोजेक्ट को गति दी है, जिसके जरिए दूरदराज बैठे छात्र भी करीब 20 लाख डिजिटल किताबों और जर्नल्स को मुफ्त एक्सेस कर पा रहे हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस दौरान अनुबंधित कोचिंग संस्थानों को सख्त हिदायत दी कि वे इसे महज एक व्यावसायिक अनुबंध न समझें, बल्कि छात्रों के साथ व्यक्तिगत संवाद और नियमित मॉक टेस्ट के जरिए उनकी तैयारी को परिणाम में बदलें।

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कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन समेत कई विश्वविद्यालयों के कुलपति और शिक्षा विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। आवेदन की विस्तृत प्रक्रिया और डिजिटल लॉगिन क्रेडेंशियल्स उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल के जरिए संबंधित कॉलेजों को शीघ्र जारी किए जाएंगे।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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