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सीएम धामी ने हल्का किया अपना वर्कलोड, 5 नए मंत्रियों को सौंपी भारी-भरकम विभागों की जिम्मेदारी

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Mon, 23 Mar 2026 02:15 PM IST

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट विस्तार के 48 घंटों के भीतर मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है, जिसमें सुबोध उनियाल का कद बढ़ा है। सीएम ने अपने पास मौजूद 35 विभागों में से 17 मंत्रियों को सौंपकर शासन में विकेंद्रीकरण और प्रशासनिक दक्षता की नई रणनीति अपनाई है।

सीएम धामी ने हल्का किया अपना वर्कलोड, 5 नए मंत्रियों को सौंपी भारी-भरकम विभागों की जिम्मेदारी

मुख्य बातें

  • मुख्यमंत्री ने गृह, कार्मिक और सतर्कता जैसे 18 प्रमुख विभाग अपने पास सुरक्षित रखे हैं।
  • कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को स्वास्थ्य और विधायी जैसे भारी-भरकम विभागों की नई जिम्मेदारी मिली है।
  • नए चेहरों में राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास और प्रदीप बत्रा को परिवहन एवं आईटी विभाग सौंपा गया है।

देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कैबिनेट विस्तार के बाद विभागों के आवंटन के साथ ही शासन की नई तस्वीर साफ कर दी है। मुख्यमंत्री ने अपनी टीम को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से खुद के पास मौजूद भारी-भरकम विभागों का बोझ कम करते हुए सहयोगियों पर भरोसा जताया है।

अब तक 35 से ज्यादा विभागों का जिम्मा संभाल रहे मुख्यमंत्री के पास अब केवल 18 विभाग रहेंगे।

शासन द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, मुख्यमंत्री ने गृह, सतर्कता, कार्मिक, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण और सूचना एवं जनसंपर्क जैसे ‘कोर’ विभागों को अपने पास रखा है।

यह कदम दर्शाता है कि मुख्यमंत्री राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण की कमान सीधे अपने हाथों में रखना चाहते हैं। वहीं, आपदा प्रबंधन और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभागों को अन्य मंत्रियों में बांट दिया गया है।

इस फेरबदल में सबसे चौंकाने वाला बदलाव स्वास्थ्य विभाग में देखा गया है। डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग वापस ले लिया गया है और अब यह जिम्मेदारी सुबोध उनियाल को सौंपी गई है।

उनियाल के पास अब वन के साथ-साथ संसदीय कार्य, विधायी और स्वास्थ्य जैसे बड़े विभाग होंगे। हाल के दिनों में चौखुटिया और पिलखी में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर हुए जन आंदोलनों के बाद इस बदलाव को सरकार की डैमेज कंट्रोल रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

मंत्रिमंडल में शामिल नए चेहरों को भी सीएम धामी ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। पहली बार मंत्री बने राम सिंह कैड़ा को राज्य के बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों से निपटने के लिए शहरी विकास विभाग सौंपा गया है।

रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा को परिवहन और आईटी विभाग की कमान मिली है, जबकि भरत सिंह चौधरी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए ग्राम्य विकास और एमएसएमई (MSME) विभाग दिया गया है।

अनुभवी नेताओं में मदन कौशिक को आपदा प्रबंधन एवं आयुष विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जो हिमालयी राज्य के लिए अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।

वहीं, सतपाल महाराज को सामान्य प्रशासन विभाग देकर संतुलन साधने की कोशिश की गई है, हालांकि उनसे जलागम और पंचायती राज जैसे विभाग वापस ले लिए गए हैं। खजान दास को समाज कल्याण विभाग के जरिए दलित और पिछड़े वर्गों के बीच सरकार की पैठ बढ़ाने का जिम्मा मिला है।

राज्य की राजनीति के जानकारों का मानना है कि यह बंटवारा केवल विभागों का आवंटन नहीं, बल्कि आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने का प्रयास है।

विशेष रूप से कुमाऊं और गढ़वाल के बीच संतुलन बनाने के साथ-साथ पुराने दिग्गजों और नए रक्त के बीच समन्वय बिठाने की कोशिश की गई है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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