ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

भराड़ीसैंण छावनी में तब्दील, 1500 जवान तैनात, कंटीले तारों से सील हुआ बॉर्डर

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Mon, 26 Oct 2026 08:01 PM IST

भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र को लेकर चमोली प्रशासन ने 5 सुपर जोन में सुरक्षा बांटी। कांग्रेस, यूकेडी और प्रधान संगठन के घेराव ऐलान के बीच 1500 जवान तैनात।

Gairsain assembly session

मुख्य बातें

  • गैरसैंण में कंटीले तारों और लोहे के गेटों से सख्त नाकेबंदी।
  • 31 विधायकों ने सदन में पूछे 445 सवाल, पास नियम सख्त।
  • 1500 पुलिसकर्मी, एटीएस और डॉग स्क्वायड संवेदनशील रूटों पर तैनात।

गैरसैंण (26 अक्टूबर) : उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में मंगलवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। सदन के भीतर जहां 31 विधायकों की ओर से लगाए गए 445 सवालों का जवाब देने का दबाव सरकार पर रहेगा, वहीं बाहर कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) और प्रदेश प्रधान संगठन के विधानसभा घेराव के ऐलान ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चमोली जिला प्रशासन और पुलिस ने पूरे इलाके को 5 सुपर जोन और 13 सेक्टरों में बांटते हुए करीब 1500 सुरक्षाकर्मियों का पहरा लगा दिया है।

सड़क पर तीन संगठनों का हल्लाबोल और अभेद्य घेराबंदी

विधानसभा कूच को रोकने के लिए पुलिस ने रणनीतिक मार्गों पर कंटीले तारों की बाड़ और लोहे के भारी बैरिकेड्स खड़े कर दिए हैं। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के मुताबिक दुकमुतासैंण, दीवालीखाल मुख्य प्रवेश द्वार, जंगलचट्टी, सारकोट और परवाड़ी मोटर मार्ग पर सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इलाके में पीएसी, एटीएस, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते तैनात किए गए हैं। प्रत्येक सुपर जोन और सेक्टर की सीधी निगरानी एएसपी व डीएसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं, ताकि प्रदर्शनकारियों को विधानसभा भवन से काफी पहले ही रोका जा सके।

अंदर 445 सवाल और बाहर पंचायतों की सीधी नाराजगी

सदन के भीतर विपक्ष ने नियम-310 और 58 के तहत जनहित के मुद्दों पर कार्यस्थगन लाकर बहस कराने की तैयारी की है। वहीं सड़क पर सबसे बड़ा दबाव त्रिस्तरीय पंचायतों के अधिकारों की मांग को लेकर उतरा प्रधान संगठन बना रहा है। यूकेडी भू-कानून और मूल निवास के मुद्दे पर आक्रामक है। सत्र की व्यवस्थाओं को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने स्पष्ट किया है कि विधायकों को जनहित के मुद्दे उठाने का पूरा मौका मिलेगा। कार्यवाही की पारदर्शिता के लिए सूचना विभाग और आईटी विकास अभिकरण के जरिए सीधे वेबकास्टिंग भी कराई जाएगी।

विधायकों और मंत्रियों के पास पर चली प्रशासनिक कैंची

सत्र के दौरान अव्यवस्था रोकने के लिए विधानसभा सचिवालय ने परिसर में वाहनों और आगंतुकों के प्रवेश के नियम बेहद कड़े कर दिए हैं। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशानुसार अब मंत्रियों की संस्तुति पर अधिकतम दो और विधायकों की सिफारिश पर सिर्फ एक व्यक्ति को ही प्रवेश पास मिलेगा। इसके अलावा, विधानसभा के अपने कर्मचारियों के वाहनों को भी बिना अधिकृत वाहन पास के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।

आम जनता और राहगीरों के लिए आवागमन खुला रखने का दावा किया गया है, लेकिन संवेदनशील बैरियरों पर सघन चेकिंग से स्थानीय मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment