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देहरादून नगर निगम की बकायेदारों पर सख्ती, हाउस टैक्स न भरने वालों पर चलेगा कानूनी डंडा

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sat, 05 Sep 2026 06:01 PM IST

देहरादून नगर निगम ने हाउस टैक्स बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नगर आयुक्त ने वार्डवार सर्वे और नए व्यावसायिक व आवासीय निर्माणों का कर निर्धारण तेज करने के दिए निर्देश।

Dehradun Nagar Nigam property tax

मुख्य बातें

  • नगर आयुक्त ने बड़े बकायेदारों की अद्यतन सूची तलब कर विधिक कार्रवाई के दिए निर्देश।
  • देहरादून के 100 वार्डों में नए व्यावसायिक और आवासीय भवनों का होगा स्थलीय सत्यापन।
  • निर्माण क्षेत्र में हुए बदलाव और व्यावसायिक उपयोग के आधार पर दोबारा तय होगा टैक्स।
  • कर संग्रहण से मिले अतिरिक्त राजस्व को शहर के बुनियादी ढांचे पर खर्च करेगा निगम।

दून हॉराइज़न, देहरादून (5 सितंबर): राजधानी देहरादून में लंबे समय से भवन कर (House Tax) दबाए बैठे बड़े बकायेदारों की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने शनिवार को नगर निगम सभागार में राजस्व वसूली की गहन समीक्षा करते हुए साफ कर दिया कि बार-बार नोटिस भेजने के बाद भी बक्सा बंद रखने वाले रसूखदारों पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि नगर निगम के वित्तीय ढांचे को मजबूत किए बिना शहर का विकास संभव नहीं है।

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नए निर्माणों पर पैनी नजर, वार्डवार चलेगा सत्यापन

दून शहर के तेजी से विस्तार ले रहे इलाकों—खासकर राजपुर रोड, सहस्त्रधारा रोड, शिमला बाईपास और जीएमएस रोड से सटे क्षेत्रों में पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर नए बहुमंजिला और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स खड़े हुए हैं। निगम प्रशासन के संज्ञान में आया है कि दर्जनों निर्माण ऐसे हैं जिनका अभी तक कर निर्धारण (Tax Assessment) ही नहीं हुआ है। कई जगह आवासीय नक्शा पास कराकर धड़ल्ले से व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं।

इस विसंगति को दूर करने के लिए सभी कर अधीक्षकों और कर निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वार्डवार भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर रिपोर्ट तैयार करें। अगर किसी भवन का कवर्ड एरिया बढ़ा है या उसका उपयोग बदला है, तो उसका टैक्स स्लैब तुरंत संशोधित होगा।

नोटिस की मियाद खत्म, अब कुर्की और आरसी की तैयारी

बैठक के दौरान उप नगर आयुक्त तनवीर मारवाह और सहायक नगर आयुक्त विनय प्रताप सिंह की मौजूदगी में लंबित वसूली का खाका खींचा गया। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल औपचारिक नोटिस जारी करके फाइलें दबाने का खेल अब नहीं चलेगा। नोटिस और डिमांड लेटर की समयसीमा पूरी होते ही नियमानुसार विधिक प्रक्रिया, बैंक खातों से वसूली या आरसी (Recovery Certificate) जारी करने जैसे कड़े कदम उठाए जाएं।

वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाहियों से पहले शत-प्रतिशत वसूली लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी 100 वार्डों की साप्ताहिक प्रगति जांची जाएगी।

राजस्व में इजाफे से सुधरेंगी शहर की नागरिक सुविधाएं

निगम प्रशासन का मानना है कि कर चोरी पर अंकुश लगने से जो अतिरिक्त वित्तीय साधन जुटेंगे, उसका सीधा लाभ दूनवासियों को मिलेगा। नगर आयुक्त ने रेखांकित किया कि वार्डों में स्ट्रीट लाइट, कूड़ा उठान, जलनिकासी के लिए नालियों के निर्माण और पार्कों के सुंदरीकरण का पूरा दारोमदार निगम के अपने राजस्व पर टिका है। लापरवाही बरतने वाले कर निरीक्षकों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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