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Dehradun News : DM सविन बंसल की पहल, दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए अब नहीं लगाने होंगे चक्कर

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 07 May 2026 07:49 PM IST

देहरादून जिला प्रशासन ने गांधी शताब्दी अस्पताल में स्थित DDRC के माध्यम से दिव्यांग प्रमाण पत्र और UDID कार्ड बनाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। अब तक 30,000 से अधिक प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं और विशेष हेल्पलाइन के जरिए घर बैठे जानकारी दी जा रही है।

Dehradun News : DM सविन बंसल की पहल, दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए अब नहीं लगाने होंगे चक्कर

मुख्य बातें

  • गांधी शताब्दी अस्पताल (देहरादून) में हर बुधवार और SDH विकासनगर में हर मंगलवार को दिव्यांग बोर्ड बैठता है।
  • सितंबर 2025 से अब तक 600 नए UDID कार्ड और 250 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण पूरा।
  • हेल्पलाइन नंबर 8791009301 पर दिव्यांग सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध।

देहरादून, 07 मई, 2026 (दून हॉराइज़न)। जिले के दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी पहचान प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में कर्जन रोड स्थित गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में संचालित जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र (DDRC) अब लाभार्थियों के लिए मुख्य केंद्र बन गया है।

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, गांधी शताब्दी अस्पताल में सितंबर 2025 से शुरू हुए इस केंद्र के माध्यम से अब तक 600 से अधिक दिव्यांगजनों के यूडीआईडी (UDID) कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग के दिव्यांग बोर्ड ने 600 नए प्रमाण पत्र जारी करने के साथ ही 250 पुराने प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण भी किया है।

बुधवार और मंगलवार को विशेष बोर्ड

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि दिव्यांगता प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को नियमित करने के लिए दिन निर्धारित किए गए हैं। गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में प्रत्येक बुधवार को दिव्यांग बोर्ड बैठता है, जहाँ विभिन्न श्रेणियों के प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। वहीं, पछवादून क्षेत्र के लोगों के लिए उप जिला चिकित्सालय (SDH) विकासनगर में प्रत्येक मंगलवार को यह सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। जनपद में अब तक कुल 30,739 प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।

बच्चों के लिए मुफ्त थेरेपी और हेल्पलाइन

DDRC केवल कार्ड बनाने तक सीमित नहीं है। यहाँ दिव्यांग बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए स्पीच थेरेपी, फिजियोथैरेपी और लर्निंग थेरेपी की निशुल्क सुविधा दी जा रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल के अनुसार, जिलाधिकारी ने केंद्र के संचालन के लिए अस्पताल में चार विशेष कमरे आवंटित किए हैं। किसी भी सहायता या जानकारी के लिए दिव्यांगजन हेल्पलाइन नंबर 8791009301 पर संपर्क कर सकते हैं।

लाभार्थियों को मिल रही राहत

प्रमाण पत्र बनने से दिव्यांगजनों को केंद्र और राज्य सरकार की पेंशन, उपकरण वितरण और परिवहन सहायता जैसी योजनाओं से जुड़ने में आसानी हो रही है। दून निवासी मनोज बहुगुणा जैसे कई लाभार्थियों ने बताया कि पहले दस्तावेजों के सत्यापन और कार्ड बनवाने में लंबी देरी होती थी, लेकिन अब DDRC के माध्यम से एक ही छत के नीचे वेरिफिकेशन और कार्ड की सुविधा मिल रही है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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