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हरिद्वार: भगवानपुर की फैक्ट्री में क्वेंचिंग ऑयल से भड़की भीषण आग, दमकल ने पाया काबू

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 29 Oct 2026 03:01 PM IST

हरिद्वार के भगवानपुर स्थित लकेश्वरी औद्योगिक क्षेत्र में बजाज फैक्ट्री के क्वेंचिंग ऑयल में लगी भीषण आग। दमकल ने फोम कंपाउंड से पाया काबू, बड़ा हादसा टला।

Haridwar factory fire

मुख्य बातें

  • क्वेंचिंग ऑयल में भड़की आग पर फोम तकनीक से पाया काबू।
  • अग्निशमन विभाग के अनुसार हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
  • फैक्ट्री में हुए कुल आर्थिक नुकसान का आकलन जारी है।

भगवानपुर/हरिद्वार (29 अक्टूबर) : उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में लकेश्वरी औद्योगिक क्षेत्र स्थित बजाज एंड संस प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री में गुरुवार को हीट ट्रीटमेंट प्रक्रिया के दौरान क्वेंचिंग ऑयल में अचानक भीषण आग भड़क गई। काले धुएं के गुबार और आसमान छूती लपटों के बीच दमकल कर्मियों ने पानी के बजाय फोम कंपाउंड का इस्तेमाल कर एक बड़े औद्योगिक धमाके को टाल दिया। गनीमत रही कि समय रहते पूरे परिसर को खाली करा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

पानी के बजाय फोम कंपाउंड से रोकी लपटें

भगवानपुर के लकेश्वरी औद्योगिक क्षेत्र में जैसे ही बजाज एंड संस फैक्ट्री की यूनिट से लपटें उठीं, काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही भगवानपुर फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके पर रवाना हुईं। घटनास्थल पर पहुंचे अग्निशमन दल ने देखा कि आग साधारण कचरे में नहीं, बल्कि बेहद ज्वलनशील क्वेंचिंग ऑयल में लगी थी।

तेल की आग पर यदि सीधे पानी की बौछार की जाती, तो खौलता हुआ तेल छलककर पूरे फ्लोर पर फैल सकता था और भीषण धमाके का रूप ले लेता। दमकल कर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए मोटर फायर इंजन से होज पाइप फैलाए और फोम कंपाउंड की मोटी परत बिछाकर ऑक्सीजन की सप्लाई काट दी। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद तेल से उठती लपटों पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

हीट ट्रीटमेंट प्लांट में क्वेंचिंग ऑयल का खतरा

औद्योगिक इकाइयों में धातुओं को मजबूत बनाने के लिए हीट ट्रीटमेंट प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें सैकड़ों डिग्री सेल्सियस गर्म कलपुर्जों को ठंडे क्वेंचिंग ऑयल के बड़े टैंकों में डुबोया जाता है। प्राथमिक आशंका के अनुसार, अत्यधिक तापमान या चिंगारी के संपर्क में आने से ऑयल टैंक ने आग पकड़ ली थी। लकेश्वरी इलाके में दर्जनों फैक्ट्रियां एक-दूसरे से सटी हुई हैं, ऐसे में यदि यह आग साथ वाली यूनिटों तक पहुंचती, तो बड़ा औद्योगिक संकट खड़ा हो सकता था। कर्मचारियों ने आग की लपटें देखते ही अलार्म बजाया और आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया।

अग्निशमन विभाग कर रहा नुकसान का कानूनी आकलन

आग बुझने के बाद दमकल टीम ने पूरे प्लांट को ठंडा कर सुरक्षित घोषित कर दिया। भगवानपुर अग्निशमन प्रभारी सत्यपाल सिंह ने बताया, “फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलते ही टीम ने मोर्चा संभाला और त्वरित कार्रवाई कर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है। इस हादसे में किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई है और जनहानि पूरी तरह टल गई है। प्लांट में हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।” स्थानीय प्रशासन अब इस पहलू की भी जांच कर रहा है कि क्या फैक्ट्री परिसर में लगे इन-हाउस सुरक्षा उपकरण और ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर मानक के अनुसार सक्रिय थे।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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