हरिद्वार (31 अक्टूबर) : पंद्रह दिनों से चला आ रहा आंदोलन सुलझने के बारह घंटे के भीतर गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में शनिवार सुबह खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। शुक्रवार रात आपसी सहमति से हड़ताल खत्म होने के बावजूद शनिवार सुबह कुलपति कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने कथित तौर पर कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार को जमीन पर गिराकर पीट दिया।
अचानक हुए इस हमले से समूचे विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा मौके पर पहुंचीं और घायल कुलसचिव को लेकर सीधे कनखल कोतवाली पहुंचीं, जहां पुलिस ने घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा।
रात में हुआ समझौता सुबह खूनी संघर्ष में बदला
शनिवार सुबह विश्वविद्यालय खुलते ही कर्मचारियों और कुलसचिव के बीच अचानक तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि आक्रोशित कर्मचारियों ने कुलसचिव को घेर लिया और हाथापाई करते हुए उन्हें जमीन पर पटक दिया। कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने स्पष्ट किया कि घटना के वक्त वह अपने कक्ष में मौजूद नहीं थीं, लेकिन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषी कर्मचारियों की पहचान कर उन पर कड़ी कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई कराई जाएगी।
पंद्रह दिन की हड़ताल और धरने की अंदरूनी वजह
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी लंबित मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। धीरे-धीरे इस आंदोलन में शिक्षेत्तर कर्मचारी संघ भी कूद पड़ा, जिससे विश्वविद्यालय का दैनिक प्रशासनिक कामकाज ठप हो गया था। प्रशासन और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद शुक्रवार देर रात औपचारिक सहमति बनी थी और धरना समाप्त करने की घोषणा की गई थी। शनिवार सुबह काम पर लौटने के दौरान किसी बात को लेकर दोबारा टकराव हुआ और मामला हिंसक हमले तक जा पहुंचा।
कनखल कोतवाली पहुंची पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
मारपीट के बाद दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी शिकायत लेकर कनखल कोतवाली पहुंच गए। कर्मचारी यूनियन से जुड़े कुछ लोग भी चोट लगने का दावा करते हुए मेडिकल परीक्षण कराने अस्पताल पहुंचे हैं। कनखल कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि दोनों पक्षों को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक अभी किसी भी पक्ष से औपचारिक लिखित तहरीर नहीं मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लिखित शिकायत मिलते ही संबंधित कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




