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हरीश रावत का बड़ा बयान: ‘पार्टी जहां कहेगी लड़ूंगा, पर दिल खानपुर में है!’

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Tue, 27 Oct 2026 03:07 PM IST

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 2027 विधानसभा चुनाव में खानपुर सीट से ताल ठोकने की इच्छा जताई है। हल्द्वानी में परिवारवाद पर भी उन्होंने खुलकर जवाब दिया।

Harish Rawat From Khanpur Assembly Seat

मुख्य बातें

  • खानपुर सीट से 2027 का चुनाव लड़ने का हरीश रावत ने बनाया मन।
  • परिवार के सदस्यों की सक्रियता को परिवारवाद मानने से किया साफ इनकार।
  • अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान पर छोड़ा, मजबूत उम्मीदवार का करेंगे समर्थन।

हल्द्वानी (27 अक्टूबर) : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए हरिद्वार जिले की चर्चित खानपुर सीट से चुनावी मैदान में उतरने की इच्छा जताकर सूबे की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। हल्द्वानी दौरे पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री ने साफ किया कि स्थानीय जनता के दबाव के चलते वह खानपुर से उतरना चाहते हैं, हालांकि टिकट का अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान ही करेगा। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिवार पर लगने वाले परिवारवाद के आरोपों पर भी कड़ा पलटवार किया।

खानपुर सीट से चुनावी ताल ठोकने का बनाया मन

हल्द्वानी में मीडिया से बातचीत करते हुए हरीश रावत ने कहा कि खानपुर क्षेत्र के लोग और कार्यकर्ता उनसे लगातार चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं की इसी मांग के चलते उन्होंने इस बार खानपुर सीट से अपनी दावेदारी का मन बनाया है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद भाजपा को सत्ता से बाहर करना है और इसके लिए जो भी जिताऊ चेहरा होगा, पूरी पार्टी एकजुट होकर उसके साथ खड़ी होगी। हालांकि, उन्होंने पार्टी अनुशासन का हवाला देते हुए यह भी जोड़ा कि अंतिम मुहर कांग्रेस नेतृत्व ही लगाएगा और संगठन जहां से आदेश देगा, वे वहीं से मैदान में जाएंगे।

परिवारवाद के तीखे आरोपों पर खुलकर दिया सीधा जवाब

टिकट बंटवारे और परिजनों की सक्रियता पर उठने वाले परिवारवाद के सवालों का हरीश रावत ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके परिवार पर उंगली उठाते हैं, उन्हें यह जमीनी हकीकत भी देखनी चाहिए कि उनके परिवार के सदस्य पिछले 20 से 25 सालों से लगातार जनता के बीच रहकर पसीना बहा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि जनता के बीच रहकर संघर्ष करना और पार्टी का काम संभालना परिवारवाद के दायरे में नहीं आता, बल्कि यह जनसेवा और संगठन के प्रति निष्ठा का सबूत है।

खानपुर का सियासी गणित और कांग्रेस नेतृत्व की चुनौती

हरिद्वार जिले की खानपुर विधानसभा सीट सियासी तौर पर बेहद संवेदनशील मानी जाती है, जहां फिलहाल निर्दलीय विधायक उमेश कुमार का कब्जा है और इससे पहले यह सीट लंबे समय तक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का गढ़ रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में नैनीताल जिले की लालकुआं सीट से हार का सामना कर चुके हरीश रावत के लिए खानपुर में कदम रखना बड़ा सियासी जोखिम भी साबित हो सकता है। अब पूरी नजर कांग्रेस हाईकमान पर टिकी है कि वह 2027 के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री के इस नए सियासी समीकरण को हरी झंडी देता है या कोई और रणनीति अपनाता है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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