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Himalayan Bhojanalaya Dehradun : देहरादून में 10 हिमालयन भोजनालय फूड वैन शुरू, महिलाओं को मिला सीधा रोजगार

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 24 Jul 2026 07:40 PM IST

देहरादून जिला प्रशासन ने महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा 10 हिमालय भोजनालय खाद्य वैन का संचालन शुरू करवाया है। फूड वैन से जहां पर्यटन को पहाड़ी व्यंजन मिल रहे हैं, वही महिलाए हर दिन अच्छा मुनाफ़ा काम कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

Himalayan Bhojanalaya Dehradun : देहरादून में 10 हिमालयन भोजनालय फूड वैन शुरू, महिलाओं को मिला सीधा रोजगार

मुख्य बातें

  • रीप परियोजना के तहत दून में 10 फूड वैन शुरू
  • 10 लाख रुपये की कुल लागत से बना ढांचा
  • यात्रा मार्गों पर रोजाना 3 से 4 हजार मुनाफा
  • चकराता के हनोल मंदिर के पास जल्द नया सेंटर

देहरादून, 24 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Himalayan Bhojanalaya Dehradun : देहरादून जिले में ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रशासन ने एक खास मॉडल तैयार किया है। रीप (REAP) परियोजना के तहत मई 2026 में 10 हिमालयन भोजनालय फूड वैन का संचालन शुरू किया गया। इन फूड वैन को पूरी तरह से स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं संभाल रही हैं।

रायपुर, डोईवाला, विकासनगर, सहसपुर और कालसी विकासखंडों में ये फूड वैन वे-साइड एमेनिटीज के रूप में चलाई जा रही हैं। रायपुर में 1, डोईवाला में 1, विकासनगर में 1, सहसपुर में 5 और कालसी में 2 भोजनालय सक्रिय हैं।

इन फूड वैन को स्थापित करने में कम्युनिटी बेस्ड ऑर्गेनाइजेशन (CBO) स्तर पर लगभग 10 लाख रुपये का बजट लगा है। इसमें से 6 लाख रुपये रीप परियोजना से मिले, 3 लाख रुपये का बैंक लोन लिया गया और 1 लाख रुपये महिलाओं ने खुद जमा किए।

कमाई के मामले में ये फूड वैन काफी सफल साबित हो रही हैं। सामान्य जगहों पर चलने वाली वैन से महिलाएं रोजाना करीब 2 हजार रुपये की बचत कर रही हैं। चारधाम और प्रमुख पर्यटन रास्तों पर लगे भोजनालयों से 3 से 4 हजार रुपये तक का दैनिक मुनाफा हो रहा है।

रायपुर ब्लॉक में बांदल घाटी क्लस्टर लेवल फेडरेशन का ‘जय माता दी’ समूह इस भोजनालय का संचालन कर रहा है। समूह की सदस्य कविता सकलानी ने बताया कि गांव की 10 महिलाओं को इसके जरिए सीधा काम मिला है। तीन महिलाएं वैन में खाना बनाती हैं, जबकि बाकी महिलाएं घर पर पहाड़ी सामान तैयार कर बेचने के लिए देती हैं।

डोईवाला के छिद्दरवाला में चारधाम मार्ग पर चल रहा भोजनालय भारी मुनाफा दे रहा है। श्री देव सुमन क्लस्टर लेवल फेडरेशन के तहत चल रही इस वैन को मंजू कश्यप अपने पति लेखराज कश्यप के साथ चलाती हैं। लेखराज कश्यप ने बताया कि चारधाम यात्रा की वजह से गाड़ियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, जिससे बिक्री बेहतरीन हो रही है।

फूड वैन में तैयार भोजन के अलावा उत्तराखंड के स्थानीय सामानों का काउंटर भी लगाया गया है। पल्लर, अचार, हरा नमक, देसी घी, हल्दी, मिर्च, झंगोरा, अलग-अलग दालें और पहाड़ी मंडुवा की भारी मांग देखी जा रही है। यात्री खाने के साथ-साथ इन पैक्ड सामानों को भी खरीद रहे हैं।

भोजनालय में भोजन करने आए यात्री आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि महिलाओं द्वारा परोसा जा रहा पारंपरिक खाना काफी स्वादिष्ट है। उन्होंने इस व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने का एक सही और व्यवहारिक कदम बताया।

पर्यटकों के बेहतरीन फीडबैक को देखते हुए प्रशासन अब इसका विस्तार कर रहा है। जिला परियोजना प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि मालदेवता और छिद्दरवाला में सफलता के बाद अब चकराता के हनोल मंदिर क्षेत्र के पास भी जल्द ही एक नई हिमालयन भोजनालय फूड वैन शुरू की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर रीप परियोजना के तहत यह वे-साइड एअट्रीज का ढांचा तैयार किया गया है। ब्लॉक स्तर पर चुनी गई महिलाओं को संसाधन देकर सीधे स्वरोजगार से जोड़ा गया है।

इन फूड वैन को आधुनिक सुविधाओं के साथ डिजाइन किया गया है। बैठने की साफ-सुथरी जगह, सामान के प्रदर्शन के लिए आकर्षक डिस्प्ले, फ्लेक्सिबल बॉडी और आधुनिक किचन इक्यूपमेंट इन वैन में लगाए गए हैं, जो राहगीरों को अपनी तरफ खींचते हैं।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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