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सिर्फ बस अड्डा नहीं आधुनिक ट्रांजिट हब बनेगा आईएसबीटी, शॉपिंग मॉल और सिनेमा की भी मिलेगी सुविधा

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Mon, 21 Sep 2026 07:26 PM IST

देहरादून आईएसबीटी 27.50 करोड़ की लागत से आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में तब्दील हो रहा है। ई-चार्जिंग स्टेशन, कैब बूथ और पहाड़ी शैली के कियोस्क से यात्रियों को नई सुविधाएं मिलेंगी।

Dehradun ISBT Redevelopment

मुख्य बातें

  • 10 एकड़ परिसर के कायाकल्प पर 27.50 करोड़ रुपये खर्च कर रहा एमडीडीए।
  • भविष्य में प्रतिदिन 2000 से अधिक बसों के दबाव को झेलने का ढांचा।
  • बस अड्डे के भीतर ही बनेंगे ओला-उबर के समर्पित बुकिंग बूथ।
  • पहाड़ी वास्तुकला की पारंपरिक शैली में सजेंगे परिसर के सभी व्यावसायिक कियोस्क।
  • निर्माण के दौरान यात्री आवाजाही और सुरक्षा मानकों की जमीनी निगरानी जारी।

दून हॉराइज़न, देहरादून (21 सितंबर) : राजधानी देहरादून के मुख्य प्रवेश द्वार यानी अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (Dehradun ISBT) की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने जा रही है।

अक्सर अव्यवस्था, जाम और जलभराव के झंझट से घिरे रहने वाले इस बस अड्डे को एमडीडीए अब एक आधुनिक ट्रांजिट हब (Transit Hub) के रूप में विकसित कर रहा है। करीब 10 एकड़ में फैले इस पूरे परिसर पर 27.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शहरी सुधार निर्देशों के बाद मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने काम की गति काफी तेज कर दी है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के मुताबिक, परियोजना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है।

टूटे फर्श से निजात, पहाड़ी शैली में सजेगा परिसर

बस अड्डे पर कदम रखते ही यात्रियों को जो सबसे बड़ा बदलाव दिखेगा, वह है प्लेटफॉर्म का फ्लोरिंग वर्क। पुराने जर्जर फर्श को हटाकर नए सिरे से टाइल्स और पेवर ब्लॉक बिछाए जा रहे हैं।

शौचालयों की बदहाली यहां वर्षों से आम यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत रही है। अब यहां आधुनिक सार्वजनिक प्रसाधन केंद्र बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही साफ-सुथरे प्रतीक्षालय, किफायती डोरमेट्री और ठंडे पेयजल की व्यवस्था भी की जा रही है। बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग से रैंप और सुगम रास्ते तैयार हो रहे हैं। खास बात यह है कि परिसर में बनने वाले खानपान और जरूरी सामान के कियोस्क आधुनिक कंक्रीट के बजाय पारंपरिक पहाड़ी काष्ठ व प्रस्तर शैली के पैटर्न पर दिखेंगे। इससे बाहर से आने वाले सैलानियों को दून में कदम रखते ही देवभूमि की सांस्कृतिक वास्तुकला का अहसास होगा।

कैब बूथ, ई-चार्जिंग और मॉल से मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी

सफर खत्म होने के बाद अक्सर यात्रियों को ऑटो या टैक्सी वालों की मनमानी झेलनी पड़ती है। इसे देखते हुए टर्मिनल परिसर के अंदर ही ओला और उबर जैसी ऑनलाइन कैब सेवाओं के आधिकारिक पिकअप बूथ बनाए जा रहे हैं।

बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों को ध्यान में रखते हुए यहां ई-चार्जिंग स्टेशन भी तैयार हो रहे हैं। वहीं, परिसर में बने कॉमर्शियल मॉल को दोबारा चालू करने के लिए दुकानों के नए सिरे से टेंडर जारी किए जा रहे हैं। मॉल के सिनेमा हॉल में पहले से फिल्मों की स्क्रीनिंग जारी है, लेकिन अब रिटेल आउटलेट्स शुरू होने से यात्रियों को खरीदारी की सुविधा भी एक ही छत के नीचे मिलेगी।

परिसर की जल निकासी प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए नालियों को नए सिरे से चौड़ा किया गया है। हरिद्वार बाईपास और सहारनपुर रोड के मुहाने पर स्थित होने के कारण यहां रोजाना हजारों लोगों का दबाव रहता है। नए डिजाइन के तहत यह टर्मिनल भविष्य में प्रतिदिन 2000 से अधिक अंतरराज्यीय व स्थानीय बसों की आवाजाही को बिना जाम के संभाल सकेगा।

एमडीडीए सचिव ने परखी गुणवत्ता, समय पर काम पूरा करने का अल्टीमेटम

परियोजना की प्रगति जांचने के लिए एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने हाल ही में मौके पर जाकर औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदारों और फील्ड इंजीनियरों को साफ लफ्जों में चेताया कि काम की गति बढ़ाने के चक्कर में गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बर्निया ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि जब तक काम चल रहा है, तब तक यात्रियों के चलने-फिरने के रास्तों पर अवरोध न बने और सुरक्षा बैरिकेडिंग दुरुस्त रखी जाए।

काम पूरा होते ही यह केवल बसों का ठहराव स्थल नहीं रहेगा, बल्कि यात्रियों के लिए एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक नागरिक केंद्र साबित होगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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