ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

Kanwar Yatra 2026 : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ियों की ‘नो-एंट्री’, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 17 Jul 2026 11:31 PM IST

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में कांवड़ मेला 2026 की अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक हरिद्वार में संपन्न हुई। 30 जुलाई से शुरू हो रही यात्रा में सुरक्षा, ट्रैफिक और सोशल मीडिया निगरानी के लिए सात राज्यों की पुलिस साझा कार्ययोजना पर काम करेगी।

Kanwar Yatra 2026 : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ियों की 'नो-एंट्री', मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

मुख्य बातें

  • 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक चलेगा कांवड़ मेला।
  • दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित।
  • 8 अगस्त से शुरू होगा सबसे चुनौतीपूर्ण डाक कांवड़ चरण।
  • यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को साथ रखना होगा वैध पहचान पत्र।

देहरादून, 17 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Kanwar Yatra 2026 : उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन में कांवड़ मेला 2026 के लिए अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक की। इस बैठक में सात राज्यों के पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

कांवड़ यात्रा इस साल 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त 2026 तक चलेगी। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने तिथियों का पूरा ब्योरा साझा किया।

31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक की अवधि रहेगी। 5 अगस्त से हरिद्वार में कांवड़ियों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा।

8 अगस्त से डाक कांवड़ का चरण शुरू होगा। प्रशासन ने इसे मेले का सबसे चुनौतीपूर्ण और भारी भीड़ वाला समय माना है।

सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एक सख्त फैसला लिया गया है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली के अधिकारियों को इस प्रतिबंध का प्रभावी क्रियान्वयन समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उत्तराखंड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त चेकपोस्ट और बैरियर बनाए जाएंगे। यहां से गुजरने वाले वाहनों की सघन चेकिंग होगी।

सभी कांवड़ यात्रियों को अपने साथ एक वैध पहचान पत्र रखना होगा। घातक हथियार या किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री को लेकर यात्रा में प्रवेश पर पूर्ण रोक रहेगी।

रेलवे को इस अवधि में विशेष इंतजाम करने को कहा गया है। हरिद्वार और आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे।

कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है।

सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए सभी राज्यों की साइबर इकाइयां एक साथ काम करेंगी। किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाएगा।

यात्रा मार्गों पर साइनेज लगाकर मार्गों की जानकारी दी जाएगी। डायवर्जन योजनाओं और पार्किंग व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, डीजीपी (अभिसूचना) अभिनव कुमार और गृह सचिव शैलेश बगौली ने सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत जानकारी बैठक में रखी।

हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने इंटीग्रेटेड कमांड सिस्टम, संयुक्त निगरानी प्रणाली और यातायात प्रबंधन पर प्रेजेंटेशन दिया।

बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

आईटीबीपी, एसएसबी, सीआरपीएफ, आरपीएफ और एनडीआरएफ के प्रतिनिधियों ने सुरक्षा ग्रिड और समन्वय तंत्र को लेकर अपनी रूपरेखा साझा की।

इस मौके पर शहरी विकास सचिव नितेश कुमार झा, लोक निर्माण विभाग के सचिव विनीत कुमार और एडीजी (कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन मौजूद थे।

कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी कुंभ मेला डॉ. योगेंद्र सिंह रावत और अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने भी बैठक में प्रतिभाग किया।

इस पूरी अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक का संचालन एसपी निशा यादव ने किया।

बैठक से पहले मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पहुंचकर मां गंगा की पूजा-अर्चना की।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment