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Kanwar Yatra 2026 : हरिद्वार कांवड़ यात्रा के लिए रेलवे ने 6 स्पेशल ट्रेनों और रूट विस्तार का किया ऐलान

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 24 Jul 2026 01:14 PM IST

रेलवे ने आगामी कांवड़ मेले को देखते हुए दिल्ली और हरिद्वार के बीच 6 स्पेशल ट्रेनें चलाने और 4 ट्रेनों का रूट विस्तार करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही ऊर्जा निगम हरिद्वार और रुड़की मंडल में कांवड़ मार्गों को रोशन करने के लिए 6265 एलईडी लाइटें लगाने का काम तेजी से पूरा कर रहा है।

Kanwar Yatra 2026 : हरिद्वार कांवड़ यात्रा के लिए रेलवे ने 6 स्पेशल ट्रेनों और रूट विस्तार का किया ऐलान

मुख्य बातें

  • कांवड़ियों के लिए 6 विशेष ट्रेनें और 4 ट्रेनों का विस्तार
  • मेला स्पेशल ट्रेनें 30 जुलाई से 14 अगस्त तक संचालित
  • 120.60 लाख रुपये से लगेंगी 6265 नई एलईडी लाइटें
  • कांवड़ मेले के लिए शासन ने 6.30 करोड़ रुपये जारी किए

हरिद्वार, 24 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Kanwar Yatra 2026 : कांवड़ यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे और स्थानीय प्रशासन की ओर से बड़ी राहत दी गई है। श्रावण मास में गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचने वाले लाखों शिवभक्तों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 6 अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेनें चलाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही दिल्ली-शामली और दिल्ली-सहारनपुर रूट की 4 ट्रेनों का विस्तार सीधे हरिद्वार स्टेशन तक कर दिया गया है।

ट्रेन सेवा में यह बदलाव 30 जुलाई से 14 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। मुरादाबाद मंडल रेल प्रशासन ने बताया कि यात्रा के चरम समय में यात्रियों को टिकट लेने या ट्रेन पकड़ने में कोई समस्या न हो, इसके लिए यह फैसला लिया गया है। दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में हर साल अत्यधिक दबाव रहता है, जिसको नियंत्रित करने के लिए इस बार अतिरिक्त रैक तैयार रखे गए हैं।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव के अनुसार ट्रेन संख्या 74022 और 74023 दिल्ली-शामली-दिल्ली डीएमयू का परिचालन अब सीधे हरिद्वार स्टेशन तक होगा। दिल्ली से यह सेवा 30 जुलाई से 13 अगस्त तक प्रतिदिन उपलब्ध रहेगी। वहीं हरिद्वार से 31 जुलाई से 14 अगस्त के बीच वापसी दिशा में इसे दैनिक रूप से चलाया जाएगा।

इसी तरह दिल्ली-सहारनपुर-दिल्ली मेमू को भी हरिद्वार तक विस्तार दिया गया है। यह ट्रेन भी दिल्ली से 30 जुलाई से 13 अगस्त तक और हरिद्वार से 31 जुलाई से 14 अगस्त तक नियमित अंतराल पर यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा हरिद्वार-दिल्ली शाहदरा-हरिद्वार अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेन को भी 30 जुलाई से 13 अगस्त के बीच नियमित चलाने की व्यवस्था की गई है।

योग नगरी ऋषिकेश से दिल्ली शाहदरा के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 04315 और 04316 को भी कांवड़ मेले के दौरान विशेष समय सारणी के साथ संचालित किया जाएगा। रेलवे का मानना है कि इन ट्रेनों के बढ़ने से दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा लाभ पहुंचेगा।

30 जुलाई से शुरू हो रहे कांवड़ मेले में रात के समय यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऊर्जा निगम ने भी व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। पूरे कांवड़ रूट को रोशनी से जगमगाने के लिए 120.60 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके तहत हरिद्वार और रुड़की मंडल में कुल 6265 नई एलईडी लाइटें लगाने का काम जारी है।

राज्य शासन ने कांवड़ मेले से जुड़े विभिन्न नागरिक व्यवस्थाओं के लिए कुल 6.30 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सभी संबंधित सरकारी विभागों ने मेला शुरू होने से पहले काम पूरा करने की समय सीमा तय की है। ऊर्जा निगम ने पथ प्रकाश की व्यवस्था को दो अलग-अलग मंडलों में बांटकर काम शुरू कराया है।

ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता प्रदीप चौधरी ने बताया कि हरिद्वार मंडल में 45.20 लाख रुपये की लागत से 1855 एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं। इनमें सीसीआर टावर से धनौरी के बीच 1152 लाइटें स्थापित होंगी। इसके अलावा साधना चौक, बैरागी कैंप, शनिदेव चौक, पायलट बाबा आश्रम और मातृ सदन मार्ग पर 114 लाइटें लगाई जा रही हैं।

काली मंदिर, चंडीघाट पुल, चंडी पुल पार्किंग, तिरछा पुल, चिड़ियापुर, रसियाबड़, कोटद्वार रोड और कोतवाली बॉर्डर के संवेदनशील हिस्सों में 434 लाइटें लगाई जा रही हैं। वहीं पंतदीप पार्किंग से पावन धाम तक 4 लाइटें और पूरे मुख्य मार्ग पर 151 अतिरिक्त एलईडी लाइटें लगाने का काम जारी है।

रुड़की मंडल के अंतर्गत कांवड़ यात्रा के सबसे व्यस्त मार्गों पर 75.40 लाख रुपये की लागत से 4410 एलईडी लाइटें स्थापित की जा रही हैं। दौलतपुर से मोहम्मदपुर वाले लंबे हिस्से में 1941 लाइटें लगाई जाएंगी, जहां सबसे ज्यादा पैदल कांवड़िए गुजरते हैं।

क्रिस्टल वर्ल्ड से सोनाली पुल तक 470 और धनौरी से सोनाली पुल के बीच 470 लाइटें लगाई जा रही हैं। धनौरी से काली नदी बायपास होकर भगवानपुर तक के मार्ग पर 1529 एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं ताकि रात में पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को सड़कों पर किसी तरह के अंधेरे का सामना न करना पड़े।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार बिजली लाइनों के रखरखाव और अस्थाई लाइटों के लगने से रात में सड़क हादसों का खतरा कम होगा। साथ ही पुलिस प्रशासन को भी यातायात नियंत्रित करने में आसानी रहेगी। सभी लाइटों का परीक्षण यात्रा शुरू होने से 2 दिन पहले पूरा कर लिया जाएगा।

मेले की प्रशासनिक तैयारियों के बीच स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने भी अपनी चिंताएं सामने रखी हैं। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष डॉ. विशाल गर्ग ने भीमगोडा, भूपतवाला और खड़कड़ी इकाई के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान व्यापारियों ने मेला अवधि के दौरान होने वाले संभावित व्यापारिक नुकसान और आवगमन की दिक्कतों पर चर्चा की।

व्यापारियों ने मांग उठाई है कि कांवड़ मेला शुरू होने से पहले शहर के प्रमुख बाजारों, संपर्क मार्गों और कांवड़ यात्रा के मुख्य पथों से अस्थाई अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए। पर्याप्त पैदल मार्ग न होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्राहकों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

व्यापार मंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पार्किंग स्थलों का सही आवंटन, नियमित सफाई, बेहतर रोशनी और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। बैठक के दौरान हाल ही में भाजपा प्रचार एवं साहित्य विभाग के प्रदेश सहसंयोजक बने डॉ. विशाल गर्ग का व्यापारियों ने स्वागत किया। उन्होंने भरोसा दिया कि व्यापारियों की समस्याओं को जिला प्रशासन और राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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