बड़े पर्दे पर रहस्य और रोमांच का ताना-बाना बुनने के बाद तेलुगु सोशियो-फैंटेसी फिल्म ‘महेंद्रगिरि वाराही’ (Mahendragiri Varahi) अब सीधे आपके लिविंग रूम तक पहुंच चुकी है। सिनेमाघरों में पिछले महीने 11 सितंबर को रिलीज हुई इस मिस्ट्री-थ्रिलर को मेकर्स ने महज तीन हफ्ते के भीतर ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उतार दिया है। अगर आप थिएटर में इस फिल्म को देखने से चूक गए थे, तो अब ओटीटी की दुनिया के सबसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर इसे आसानी से देख सकते हैं।
निर्माताओं ने भाषाई सीमाओं को तोड़ते हुए इसे केवल तेलुगु तक सीमित नहीं रखा है। फिल्म को हिंदी, तमिल, मलयालम और कन्नड़ में भी डब करके रिलीज किया गया है, जिससे पूरे देश के सिनेमा प्रेमी अपनी पसंदीदा भाषा में इस रोमांचक कहानी का लुत्फ उठा सकें।
150 साल पुराना खौफनाक श्राप और यूट्यूबर की पड़ताल
फिल्म की पूरी कहानी एक अजीबोगरीब और रोंगटे खड़े कर देने वाले अंधविश्वास के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी का मुख्य किरदार सिद्धार्थ (सुमंत) एक यूट्यूबर है, जो अपने भाई राजीव (कमल कामराजू) के साथ आंध्र प्रदेश के विजयनगरम के पास स्थित महेंद्रगिरि के वाराही मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचता है। वहां हालात तब भयावह मोड़ ले लेते हैं, जब राजीव और महेंद्रगिरि राजपरिवार के सदस्य नागेंद्र वर्मा (वामसी चागंती) की एक साथ संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली जाती है।
इस दुखद हादसे के बाद सिद्धार्थ को राजघराने के एक ऐसे राज का पता चलता है, जो पिछले 150 सालों से चला आ रहा है। गांव के लोगों का दृढ़ विश्वास है कि इस शाही खानदान पर देवी वाराही का श्राप है, जिसके चलते परिवार में पैदा होने वाला हर बेटा अपने 33वें जन्मदिन पर किसी न किसी दुर्घटना का शिकार होकर मारा जाता है।
क्या यह महज अंधविश्वास है या सच में कोई दैवीय शक्ति? सिद्धार्थ इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर जांच शुरू करता है।
मजबूत स्टारकास्ट और निर्देशक संतोष जागरलापुडी का विजन
फिल्म का निर्देशन संतोष जागरलापुडी (Santosh Jagarlapudi) ने किया है, जो इससे पहले ‘सुब्रह्मण्यपुरम’ और ‘लक्ष्य’ जैसी फिल्मों में अपनी अनूठी निर्देशन शैली दिखा चुके हैं। इस फिल्म में अभिनेता सुमंत का संजीदा अभिनय, कहानी के मोड़ और क्लाइमेक्स दर्शकों को बांधे रखने में सफल साबित होते हैं।
अभिनय की बात करें तो ऐश्वर्या राजेश और मालविका नायर ने फिल्म में बेहद अहम किरदार निभाए हैं, जबकि युवा दर्शकों के चहेते स्टार सिद्धू जोनालागड्डा (Sidhu Jonnalagadda) का गेस्ट अपीयरेंस कहानी में एक अलग ऊर्जा भर देता है।
सिनेमाघरों में भले ही फिल्म को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला हो, लेकिन दक्षिण भारतीय माइथोलॉजिकल और सुपरनेचुरल थ्रिलर्स के शौकीनों के लिए यह वीकेंड पर ओटीटी पर देखने लायक एक बेहतरीन विकल्प बन सकती है।










