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नक्शा पास नहीं तो लगेगा ताला, एमडीडीए ने 3 बड़े इलाकों में की सीलिंग

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Wed, 21 Oct 2026 10:23 PM IST

देहरादून में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एमडीडीए ने आवासीय कॉलोनियों में अवैध दुकानें, डेयरी और हॉस्टल सील किए। इंजीनियर एन्क्लेव सहित 5 परिसरों पर गिरी गाज।

MDDA sealing drive

मुख्य बातें

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माणों पर सीलिंग।
  • इंजीनियर एन्क्लेव, प्रेमनगर और केहरी गांव में पांच परिसर सील किए।
  • भू-उपयोग बदले बिना व्यापार करने वालों को एमडीडीए की सीधी चेतावनी।

देहरादून (21 अक्टूबर) : शांत रिहायशी कॉलोनियों को बिना अनुमति बाजार में तब्दील करने वालों पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शिकंजा कस दिया है। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने राजधानी के तीन प्रमुख इलाकों में सघन अभियान चलाकर पांच परिसरों को सील कर दिया।

इंजीनियर एन्क्लेव, ईस्ट होप टाउन और महिमा एन्क्लेव में हुई इस कार्रवाई के बाद से आवासीय भूखंडों पर अवैध रूप से दुकान, डेयरी और हॉस्टल संचालित करने वाले भवन स्वामियों में हड़कंप मच गया है।

रिहायशी इलाकों में अवैध दुकानों पर सीधा एक्शन

प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने सबसे बड़ी कार्रवाई जीएमएस रोड स्थित इंजीनियर एन्क्लेव फेस-1 में की, जहां एक ही क्षेत्र में तीन परिसरों को सील किया गया। यहां आवासीय परिसर के भीतर नियमों को धता बताकर ‘कृष्णा डेयरी’ का संचालन किया जा रहा था। इसी लेन में रोहित विशाल द्वारा रिहायशी भवन में व्यावसायिक दुकान चलाई जा रही थी, जिसे मौके पर सील किया गया।

वहीं तीसरे मामले में आवासीय नक्शे में बिना स्वीकृति फेरबदल कर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू की गई थीं। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने दो-टूक कहा कि शहर के मास्टर प्लान और आवासीय शांति से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।

प्रेमनगर से केहरी गांव तक नक्शा उल्लंघन का खेल

कार्रवाई का दायरा केवल शहर के भीतर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आउटर इलाकों में भी अवैध निर्माण पर ताला जड़ा गया। ईस्ट होप टाउन के लक्ष्मीपुर (प्रेमनगर) क्षेत्र में मयूर नामक व्यक्ति द्वारा बिना कोई नक्शा स्वीकृत कराए दो व्यावसायिक दुकानों का निर्माण कराया जा रहा था, जिसे मौके पर ही सील कर दिया गया। उधर, महिमा एन्क्लेव, लेन नंबर-2 (केहरी गांव) में कुन्दन सिंह द्वारा स्टिल्ट समेत तीन मंजिला हॉस्टल खड़ा किया जा रहा था।

जांच में सामने आया कि निर्माण न केवल स्वीकृत मानचित्र के विपरीत था, बल्कि आवासीय अनुमति की आड़ में बड़े पैमाने पर भू-उपयोग बदलकर हॉस्टल का ढांचा तैयार किया जा रहा था।

एमडीडीए का सख्त रुख और सीलिंग का अगला चरण

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि क्षेत्रवार प्रवर्तन टीमों को 24 घंटे निगरानी रखने और शिकायतों पर तत्काल स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम (उत्तराखंड में प्रभावी) की सुसंगत धाराओं के तहत अवैध निर्माणकर्ताओं को नोटिस थमाने के साथ ही सीलिंग की प्रक्रिया जारी रहेगी।

प्राधिकरण ने आम जनता और भवन स्वामियों से दो-टूक अपील की है कि निर्माण शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से मानचित्र पास कराएं और यदि आवासीय भवन में कोई व्यावसायिक उपयोग करना है, तो विधिवत शुल्क चुकाकर भू-उपयोग परिवर्तन की अनुमति लें, वरना सीलिंग और ध्वस्तीकरण की सख्त कार्रवाई तय है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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