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सरकारी जमीन पर अवैध प्लॉटिंग करने वालों की अब खैर नहीं, देहरादून प्रशासन ने शुरू कराई जांच

देहरादून कलेक्ट्रेट में आयोजित जन समाधान दिवस में सरकारी जमीन पर कब्जे, साइबर फ्रॉड और लखवाड़ बांध पुनर्वास से जुड़े 137 मामले पहुंचे, जिस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया।

Published On: September 21, 2026 7:08 PM
Dehradun Jan Samadhan Diwas

HIGHLIGHTS

  • कलेक्ट्रेट सभागार में 137 से अधिक फरियादियों ने दर्ज कराईं अपनी समस्याएं।
  • विकासनगर में एक व्यक्ति के खाते से 99,000 रुपये की यूपीआई ठगी का मामला।
  • जॉलीग्रांट में 1965 की सरकारी जमीन और पट्टों पर अवैध प्लॉटिंग की शिकायत।
  • 78 वर्षीय बुजुर्ग मां को बहू ने घर से निकाला, भरण-पोषण के तहत सुनवाई।लखवाड़ परियोजना प्रभावितों के पुनर्स्थापना अनुदान की विसंगति दूर करने के निर्देश।

दून हॉराइज़न, देहरादून (21 सितंबर) : राजधानी देहरादून के कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को आयोजित जन समाधान दिवस (Jan Samadhan Diwas) में जमीन कब्जाने और अवैध प्लाटिंग के सिंडिकेट से लेकर बुजुर्गों की बेबसी के कई गंभीर मामले अफसरों की टेबल पर पहुंचे। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशानुसार आयोजित इस जनता दर्शन की कमान एडीएम (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा और एडीएम (प्रशासन) स्मृता परमार ने संयुक्त रूप से संभाली।

सभागार में दोपहर तक 137 से अधिक नागरिक अपनी अर्जियां लेकर लाइन में खड़े नजर आए, जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा राजस्व भूमि विवाद और सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण से जुड़ा रहा।

डोईवाला और टर्नर रोड: सरकारी पट्टों व नहर की जमीन पर कब्जे की घेराबंदी

जॉलीग्रांट (डोईवाला) से पहुंचे ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बेहद चौंकाने वाला शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में आर्थिक रूप से कमजोर, भूमिहीन तथा अनुसूचित जाति/जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लोगों को आवंटित आवासीय व कृषि पट्टों पर, मूल आवंटियों की मृत्यु के बाद भूमाफियाओं ने अवैध कब्जे कर लिए हैं।

यही नहीं, वर्ष 1965 में सिंचाई विभाग की नहर व नलकूप के लिए अधिग्रहित भूमि और नदी-जोहड़ की ग्राम समाज भूमि पर भी अवैध प्लॉटिंग चल रही है। मामले में पहले सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी थी, जिस पर एडीएम ने एसडीएम डोईवाला को तत्काल स्थलीय और अभिलेखीय जांच के आदेश दिए हैं।

उधर, क्लेमेंट टाउन से सटे टर्नर रोड स्थित एकता विहार (लेन सी-15) के बाशिंदों ने हरिद्वार बाईपास मार्ग के पास लगभग 450 फीट लंबी सार्वजनिक भूमि पट्टी से अतिक्रमण हटाने की अर्जी दी। स्थानीय लोगों ने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में नगर निगम और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA Encroachment Drive) ने यहां बने अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया था, लेकिन वर्तमान में यह पट्टी कूड़े का डंपिंग जोन बन चुकी है और आए दिन ट्रैफिक जाम की वजह बन रही है। नागरिकों ने इस जमीन का अधिग्रहण कर सड़क चौड़ीकरण की गुहार लगाई है।

लखवाड़ परियोजना के प्रभावित पहुंचे कलेक्ट्रेट, साइबर ठगी पर पुलिस को टास्क

जौनसार-बावर क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित 300 मेगावाट क्षमता वाली लखवाड़ व्यासी जलविद्युत परियोजना से विस्थापित हुए लूहन, लखस्यार, डांडा व खेड़ा गांव के ग्रामीणों ने पुनर्वास भत्ते का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। तहसील कालसी निवासी पंकज तोमर की अगुवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि पुनर्स्थापना अनुदान के लिए निर्धारित 2023 की कट-ऑफ तिथि के दस्तावेज समय पर न जुटा पाने के कारण दर्जनों पात्र परिवार कृषि मजदूरी सहायता राशि से महरूम रह गए हैं। राजस्व टीम को तत्काल रिकॉर्ड खंगालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

साइबर सुरक्षा के मोर्चे पर भी प्रशासन को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा। विकासनगर के सुनील पठानिया के खाते से अनधिकृत यूपीआई (UPI Fraud) ट्रांजैक्शन के जरिए बिना किसी पूर्व सूचना के 99 हजार रुपये गायब हो गए। इसे गंभीरता से लेते हुए सीओ विकासनगर को तत्काल साइबर सेल के समन्वय से तकनीकी जांच शुरू करने को कहा गया है।

छात्र सुरक्षा और भरण-पोषण: बुजुर्ग मां की पीड़ा पर सख्त रुख

प्रशासनिक सुनवाई केवल जमीनों के फेर तक सीमित नहीं रही। ग्राम पंचायत भुड्डी (चकमनसा) स्थित राजीव बाल विद्या मंदिर स्कूल की प्रबंधक आनन्दी देवी ने खसरा संख्या 24 की 0.102 हेक्टेयर भूमि बच्चों के खेल मैदान और सुरक्षा के लिए आवंटित करने की मांग रखी। स्कूल के दोनों तरफ व्यस्त सड़क होने के कारण यहां पढ़ने वाले ग्रामीण व वंचित वर्ग के नौनिहालों पर हर वक्त सड़क हादसों का खतरा मंडराता रहता है।

इधर, डालनवाला के बलबीर रोड स्थित नई बस्ती से पहुंचीं 78 वर्षीय बुजुर्ग माया देवी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि दिसंबर 2024 में बेटे की मृत्यु के बाद उनकी बहू ने उन्हें पति के नाम दर्ज मकान से धक्के देकर निकाल दिया। वृद्ध महिला अपनी बेटियों के सहारे गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। अपर जिलाधिकारी ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम के तहत संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय राजस्व उपनिरीक्षक व पुलिस को बुजुर्ग महिला का हक और छत बहाल कराने का निर्देश दिया। पूरे सत्र के दौरान सभी विभागों के ब्लॉक स्तरीय व जिला स्तरीय अधिकारी व्यक्तिगत व वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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