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दून से हरिद्वार तक सुबह-शाम ठिठुरन, बदलते मौसम से अस्पतालों में बढ़ी डॉक्टरों की चिंता

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Wed, 21 Oct 2026 11:02 PM IST

उत्तराखंड में दिन और रात के तापमान में 15 डिग्री का अंतर दर्ज हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 7 दिन शुष्क मौसम और डॉक्टरों ने बच्चों-बुजुर्गों के लिए अलर्ट जारी किया।

uttarakhand weather

मुख्य बातें

  • दिन और रात के पारे में 15 डिग्री सेल्सियस का भारी अंतर दर्ज।
  • मौसम विभाग के अनुसार पूरे उत्तराखंड में एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा।
  • डॉक्टरों ने बदलते मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को चेताया।

देहरादून (21 अक्टूबर) : उत्तराखंड में त्योहारी सीजन के बीच दिन और रात के पारे में आ रहा 15 डिग्री सेल्सियस का अंतर जनता की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। दिन में 30 डिग्री सेल्सियस की चटख धूप और रात होते ही पारा लुढ़ककर 15 डिग्री पर आने से राजधानी देहरादून समेत धर्मनगरी हरिद्वार में वायरल, जुकाम और सांस की दिक्कतों का जोखिम बढ़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में अगले एक सप्ताह तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा, जिससे तापमान का यह असंतुलन फिलहाल बना रहेगा।

पारे में पंद्रह डिग्री के अंतर से बढ़ी मुश्किलें

राजधानी देहरादून में मंगलवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन के वक्त तेज धूप निकलने से जहां उमस और पसीने की स्थिति बन रही है, वहीं सूरज ढलते ही हवाओं में ठंडक घुल रही है। मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ या मौसमी बदलाव के संकेत नहीं हैं। अगले सात दिनों तक सभी पर्वतीय व मैदानी जिलों में शुष्क मौसम बना रहेगा, जिससे दिन की धूप और रात की ठंड का यह क्रम जारी रहेगा।

हरिद्वार में बढ़ी ठिठुरन और मौसमी बीमारियों का खतरा

अक्टूबर के तीसरे हफ्ते में हरिद्वार के मैदानी इलाकों में भी सुबह-शाम ठंडी हवाओं का असर तेज हो गया है। तड़के काम या मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। दोपहर में तापमान सामान्य से अधिक रहने और शाम को अचानक गिरावट आने से शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ रहा है। कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रवीण पंवार के अनुसार, दिन में पसीना आने के बाद सीधे ठंडी हवा, एसी या पंखे के संपर्क में आने से रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और मौसमी फ्लू का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

डॉक्टरों की विशेष सलाह और बचाव के जरूरी उपाय

अस्पतालों में मौसमी बीमारियों की आशंका को देखते हुए डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा पीड़ितों के लिए विशेष एहतियात बरतने को कहा है। फिजिशियन के मुताबिक पसीने से भीगे कपड़े तुरंत बदलने चाहिए, फ्रिज के ठंडे पेय पदार्थों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए और दिनभर गुनगुने या सामान्य तापमान के पानी का भरपूर सेवन करना चाहिए। सुबह और देर शाम बाहर निकलते समय हल्के ऊनी या पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना जरूरी है, ताकि अचानक सर्द हवाओं की चपेट में आने से बचा जा सके।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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