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नैनीताल : 80 की उम्र में पहली बार पहुंचे थे सरकारी दफ्तर, नोटिस से घबराए सद्दाम के दादा की गिरकर हुई मौत

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Wed, 09 Sep 2026 07:48 PM IST

नैनीताल जिले के कालाढूंगी में मतदाता सूची (SIR) के नोटिस का जवाब देने गए 80 वर्षीय बुजुर्ग की तहसील की सीढ़ियों से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। परिजन दहशत का आरोप लगा रहे हैं।

Kaladhungi news today

मुख्य बातें

  • कालाढूंगी तहसील में वोटर लिस्ट के नोटिस का जवाब देने गए थे बुजुर्ग।
  • सोमवार को मतदाता पुनरीक्षण (SIR) आपत्तियों के निपटारे का अंतिम दिन था।
  • जवाब दाखिल कर लौटते वक्त दो मंजिला इमारत की सीढ़ियों से गिरे इब्ने हसन।
  • पोते सद्दाम का दावा— पहली बार तहसील आने के कारण काफी घबराए हुए थे दादा।
  • बिना पुलिस पंचनामा और पोस्टमार्टम कराए शव को अपने घर ले गए परिजन।

दून हॉराइज़न, कालाढूंगी (9 सितंबर): नैनीताल जिले के कालाढूंगी तहसील परिसर में सोमवार को एक बेहद दुखद हादसा सामने आया। भारत निर्वाचन आयोग के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची में लगी आपत्ति का जवाब देने पहुंचे 80 वर्षीय वृद्ध की सीढ़ियों से गिरकर मौत हो गई। परिजन भारी सदमे में हैं। उनका सीधा आरोप है कि सरकारी नोटिस मिलने के बाद से ही वे दहशत में जी रहे थे।

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पहली बार पहुंचे थे तहसील, नोटिस से था खौफ

वार्ड नंबर 4 के निवासी इब्ने हसन के नाम पर मतदाता सूची में किसी ने आपत्ति दर्ज करा दी थी। पोते सद्दाम हुसैन ने रुंधे गले से बताया— दादा जिंदगी में कभी तहसील नहीं गए थे। नोटिस हाथ में आते ही वे घबरा गए। अपने मतदान के अधिकार को बचाने के लिए वे खुद अधिकारियों के सामने पेश होने पहुंचे।

बता दें कि चुनाव आयोग फर्जी मतदाताओं को हटाने और लिस्ट अपडेट करने के लिए एसआईआर (Special Intensive Revision) अभियान चलाता है। सोमवार को इन आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम समय सीमा थी। इसलिए दफ्तर में खचाखच भीड़ जमा थी। बुजुर्ग को भी अपना जवाब दाखिल करने के लिए भीड़भाड़ के बीच दूसरी मंजिल तक जाना पड़ा।

काम पूरा होते ही हुआ दर्दनाक हादसा

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बुजुर्ग का काम पूरा हो चुका था। तहसीलदार पूजा शर्मा ने अपना रुख साफ किया है। उनके मुताबिक मृतक अपनी आपत्ति का संतोषजनक जवाब दे चुके थे और उनका नाम वोटर लिस्ट (Voter List) में विधिवत दर्ज हो चुका था।

असल में, यह हादसा कागजी कार्रवाई पूरी होने के ठीक बाद हुआ। दूसरी मंजिल से नीचे उतरते वक्त बुजुर्ग का अचानक संतुलन बिगड़ा। वो धड़ाम से सीढ़ियों पर आ गिरे। आनन-फानन में स्थानीय लोग उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कालाढूंगी लेकर भागे। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस कार्रवाई से पहले ही शव ले गए परिजन

कानूनी प्रक्रिया की बात करें तो ऐसे हादसों में पुलिस सीआरपीसी की धारा 174 के तहत पंचायतनामा भरती है। पर यहां हालात अलग रहे। कालाढूंगी थाने के एसएसआई पंकज जोशी ने बताया कि पुलिस को अस्पताल से कोई आधिकारिक सूचना या मेमो मिलता, उससे पहले ही परिवार वाले शव को लेकर घर रवाना हो चुके थे। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया।

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यह पूरी घटना स्थानीय प्रशासन के बुनियादी ढांचे पर भी एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है। बुजुर्गों से जुड़े जरूरी काम ग्राउंड फ्लोर पर नहीं हो पाना और उन्हें दो मंजिला सीढ़ियां चढ़ने पर मजबूर करना सिस्टम की बड़ी नाकामी है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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