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Nanda Gaura Yojana : बजट नहीं तो योजना बंद कर दो, हाईकोर्ट की उत्तराखंड सरकार को फटकार

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नंदा-गौरा योजना का बजट न मिलने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बजट नहीं है तो योजना बंद कर दें।

Nanda Gaura Yojana : बजट नहीं तो योजना बंद कर दो, हाईकोर्ट की उत्तराखंड सरकार को फटकार

HIGHLIGHTS

  • हाईकोर्ट ने कहा- अगर बजट नहीं है तो योजना को बंद ही कर दें।
  • 439 पात्र छात्राओं को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि अब तक नहीं मिली।
  • सरकार ने 2.45 करोड़ रुपये का बजट लंबे समय से रोक रखा है।
  • चमोली की सामाजिक कार्यकर्ता ममता नेगी की जनहित याचिका पर हुई सुनवाई।
  • नैनीताल हाईकोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए चार सप्ताह का समय दिया।

उत्तराखंड में 12वीं पास मेधावी छात्राओं को वित्तीय सहायता न मिलने के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने सरकार से सीधा सवाल किया कि जब योजना लागू है, तो पात्र बालिकाओं को इसका लाभ अब तक क्यों नहीं दिया गया?

अदालत ने सुनवाई के दौरान बेहद सख्त मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सरकार के पास योजना संचालित करने के लिए बजट ही नहीं है, तो ऐसी योजनाओं को बंद कर देना चाहिए। कोर्ट ने सरकार और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग (Women and Child Development Department) को स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।

गरीब छात्राओं की उच्च शिक्षा पर पड़ा सीधा असर

यह पूरा मामला चमोली जिले की सामाजिक कार्यकर्ता ममता नेगी की जनहित याचिका (Public Interest Litigation) से जुड़ा है। याचिका के अनुसार, चमोली जिले में वर्ष 2022-23 में 12वीं कक्षा पास करने वाली 439 छात्राओं ने वर्ष 2023 में ही अपने स्कूलों के जरिए नंदा-गौरा योजना (Nanda Gaura Yojana) के लिए जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए थे।

नियमों के तहत उच्च शिक्षा के लिए प्रत्येक पात्र छात्रा को 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलनी थी। संबंधित विभाग ने इसके लिए 2.45 करोड़ रुपये के बजट की मांग भी भेजी, मगर शासन स्तर पर यह फाइल अटकी रही। याची पक्ष ने कोर्ट में तर्क दिया कि बजट में देरी के चलते गरीब परिवारों की मेधावी छात्राओं की कॉलेज की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

वित्त विभाग के पाले में गेंद, चार हफ्ते बाद सुनवाई

सोमवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि बजट जारी करने का प्रस्ताव फिलहाल वित्त विभाग के पास विचाराधीन है और जल्द ही धनराशि आवंटित कर दी जाएगी। अदालत ने इस दलील पर असंतोष जताते हुए मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की है। शासन को अब अगली तारीख से पहले इस मामले में अपनी स्थिति साफ करनी होगी।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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