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PM आवास योजना के लिए वनभूलपुरा में रिकॉर्ड आवेदन, जानें क्या 31 मार्च के बाद भी मिलेगा मौका।

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Mon, 30 Mar 2026 08:01 PM IST

हल्द्वानी के वनभूलपुरा में रेलवे भूमि प्रकरण से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के फॉर्म भरने की प्रक्रिया में भारी तेजी आई है। अब तक 4522 आवेदन जमा हो चुके हैं और प्रशासन 31 मार्च की समय सीमा को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

PM आवास योजना के लिए वनभूलपुरा में रिकॉर्ड आवेदन, जानें क्या 31 मार्च के बाद भी मिलेगा मौका।

मुख्य बातें

  • रविवार को अवकाश के बावजूद रिकॉर्ड 1414 लोगों ने शिविरों में अपने आवेदन जमा किए।
  • अब तक कुल 7000 से अधिक फॉर्म बांटे जा चुके हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा वापस मिल चुके हैं।
  • राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित नहीं रखा जाएगा।

हल्द्वानी। वनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। रविवार को सरकारी छुट्टी होने के बावजूद कैंपों में लोगों की भारी भीड़ देखी गई। रिकॉर्ड 1414 परिवारों ने एक ही दिन में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत अपने आवेदन फॉर्म जमा किए।

प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 4522 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। 21 मार्च से शुरू हुए इन विशेष कैंपों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र में अब तक 7000 से अधिक फॉर्म बांटे गए हैं। डोर-टू-डोर अभियान और शिविरों की सक्रियता के कारण आवेदन प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी है।

31 मार्च की डेडलाइन जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, स्थानीय लोगों में फॉर्म जमा करने की होड़ मच गई है। हालांकि, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी ने संकेत दिए हैं कि समय सीमा को लेकर लचीला रुख अपनाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च शाम पांच बजे तक प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को इस प्रक्रिया से बाहर नहीं रहने दिया जाएगा। रविवार को एडीएम विवेक राय, एसडीएम प्रमोद कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने खुद शिविरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत पुनर्वास कार्य पारदर्शिता के साथ संपन्न हो।

गौरतलब है कि नैनीताल जिले के इस बहुचर्चित भूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उत्तराखंड सरकार पुनर्वास नीति पर काम कर रही है। वनभूलपुरा के प्रभावितों को स्थायी छत मुहैया कराने के लिए ईडब्ल्यूएस (EWS) कैटेगरी के तहत इन मकानों का आवंटन किया जाना है। प्रशासन ने वर्तमान में छह अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाए हैं ताकि लोगों को फॉर्म जमा करने में असुविधा न हो।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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