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अंकिता के नाम पर पाखंड बंद करे कांग्रेस, 2027 चुनाव में फूटेगा पाप का घड़ा: महेंद्र भट्ट

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 15 Oct 2026 06:25 PM IST

अंकिता भंडारी केस पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरा। महेंद्र भट्ट ने राहुल गांधी पर आरोपी सांसद को बचाने का आरोप लगाते हुए धामी सरकार की कार्रवाइयां गिनाईं।

Mahendra Bhatt

मुख्य बातें

  • राहुल गांधी पर जेएनयू के आरोपी सांसद को बचाने का गंभीर आरोप।
  • अंकिता के परिजनों की मांग पर तीन बार बदले सरकारी वकील।
  • परिवार को 25 लाख की मदद, पिता-भाई को सरकारी नौकरी दी।

देहरादून (15 अक्टूबर) : उत्तराखंड की दिवंगत बेटी अंकिता भंडारी के मुद्दे पर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस के हमलों पर कड़ा पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर सीधा हमला बोला है। भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व महिला अपराधों पर दोमुंहा रुख अपना रहा है; एक तरफ राहुल गांधी जेएनयू में 11 छात्राओं के यौन शोषण के दोषी पाए गए अपने प्रोफेसर सांसद को राजनीतिक संरक्षण दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड की बेटी की दुखद मौत पर अफवाहें फैलाकर देवभूमि की छवि खराब करने में जुटे हैं।

यौन शोषण के आरोपी सांसद को बचा रहे राहुल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि जेएनयू प्रशासन की आंतरिक जांच में 11 छात्राओं के शोषण का दोषी पाए जाने और यूनिवर्सिटी से बर्खास्त होने के बावजूद कांग्रेस ने संबंधित नेता पर कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उन्हें सांसद बनाकर संरक्षण दिया गया। भट्ट ने सवाल उठाया कि महिलाओं के सम्मान की दुहाई देने वाले राहुल और प्रियंका गांधी अपने ही करीबी नेताओं की करतूतों पर खामोश क्यों बैठ जाते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास न तो कोई नैतिक आधार बचा है और न ही कोई सबूत; उनके नेता केवल भाजपा नेतृत्व को बदनाम करने की नीयत से समय-समय पर मनगढ़ंत नाम उछालकर जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं।

तीन बार बदले सरकारी वकील और दी नौकरी

राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का ब्योरा देते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार पहले दिन से ही पीड़ित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी रही है। परिवार की हर मांग और भावना का पूरा सम्मान किया गया। परिजनों के असंतोष जताने पर सरकार ने तीन बार अपने सरकारी वकील बदले और माता-पिता की मांग पर सीबीआई जांच की संस्तुति तक के आदेश दिए गए। इसके अलावा शासन ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई तथा अंकिता के पिता और भाई को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी। उन्होंने कहा कि बेटी के जाने का दर्द कोई दूर नहीं कर सकता, लेकिन सरकार ने कानूनी और आर्थिक रूप से परिवार को पूरा संबल दिया है।

गैंगस्टर एक्ट से लेकर उम्रकैद तक की कार्रवाई

न्यायिक प्रक्रिया पर बोलते हुए भाजपा अध्यक्ष ने याद दिलाया कि पुलिस ने वारदात के महज 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया था। एसआईटी ने 500 पन्नों की पुख्ता चार्जशीट तैयार की और 100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसी ठोस पैरवी के चलते कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिकाएं हर बार खारिज कीं और उन पर कड़े गैंगस्टर एक्ट के तहत शिकंजा कसा गया। नतीजतन, अदालत ने तीनों मुख्य मुजरिमों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। भट्ट ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कांग्रेस जिस तरह इस दुखद घटना पर सस्ती राजनीति कर रही है, उसका जवाब प्रदेश की जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में देगी और उनके इस राजनीतिक पाखंड का घड़ा फूटना तय है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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