देहरादून (19 अक्टूबर) : देहरादून के सेलाकुई स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय परिसर में जल्द ही एक अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल आकार ले सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में 20.55 करोड़ रुपये लागत की पांच विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करते हुए इस बड़े विस्तार का खाका पेश किया।
राज्य सरकार ने इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना का विस्तृत प्रस्ताव केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दिया है, जिसकी औपचारिक मंजूरी मिलते ही धरातल पर निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान 20.21 करोड़ रुपये के तीन निर्माण कार्यों की नींव रखी गई, जबकि 34 लाख रुपये की लागत से तैयार मुख्य द्वार और दंत चिकित्सालय का लोकार्पण कर जनता व छात्रों को सौंपा गया।
सेलाकुई मेडिकल विवि में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का प्रस्ताव
विश्वविद्यालय परिसर में बनने वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पछवादून, जौनसार-बावर और उत्तरकाशी से सटे सीमांत इलाकों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। वर्तमान में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए स्थानीय मरीजों को देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल या ऋषिकेश एम्स पर निर्भर रहना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि केंद्र से तकनीकी व वित्तीय हरी झंडी मिलते ही विशेषज्ञ डॉक्टरों और अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक विंग का काम आगे बढ़ेगा। इसके साथ ही विवि परिसर में 20.21 करोड़ रुपये से प्रशासनिक भवन, खुले आयोजनों के लिए एम्फीथिएटर और औषधीय वनस्पति संवर्धन के लिए नक्षत्र वाटिका तैयार की जा रही है। लोकार्पण के साथ शुरू हुए नए दंत चिकित्सालय से स्थानीय नागरिकों को सेलाकुई में ही रियायती दरों पर ओपीडी स्तर का दंत उपचार मिल सकेगा।
प्रदेश में मेडिकल नेटवर्क का विस्तार और वैश्विक प्लेसमेंट
राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के असमान वितरण को संतुलित करने के लिए बड़े हेल्थ प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ऊधमसिंह नगर के किच्छा में 351 करोड़ रुपये की लागत से एम्स का सैटेलाइट सेंटर तैयार हो रहा है, जिससे कुमाऊं मंडल और सीमावर्ती तराई आबादी को उच्च स्तरीय परामर्श मिलेगा।
इसके अलावा हल्द्वानी में स्टेट कैंसर संस्थान का काम प्रगति पर है और अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जैसे क्षेत्रों के साथ वर्तमान में 5 राजकीय मेडिकल कॉलेज क्रियाशील हैं, जबकि दो नए निर्माणाधीन हैं। केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित न रहकर मेडिकल और नर्सिंग के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट दिलाने के लिए सरकार विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दे रही है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस पहल से वर्ष 2023 में 60 अभ्यर्थियों को जापान और वर्ष 2025 में 13 नर्सिंग पेशेवरों को जर्मनी में सीधी नियुक्ति मिली है।
प्रशासनिक मंजूरी के बाद शुरू होगा निर्माण और जमीनी असर
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से छात्रों के साथ-साथ आम जनता को भी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ने के लिए टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस नेटवर्क को जिला अस्पतालों से इंटीग्रेट किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से सेलाकुई सुपर स्पेशियलिटी विंग की सैद्धांतिक और वित्तीय मंजूरी के पत्राचार को ट्रैक कर रहा है। केंद्र की स्वीकृति आते ही कार्यदायी संस्था का चयन कर टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे देहरादून के पश्चिमी छोर पर मरीजों को रेफरल के झंझट से मुक्ति मिलेगी।




