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रुद्रप्रयाग में 156 करोड़ का टनल बायपास खुला, चारधाम का सफर होगा आसान

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Mon, 26 Oct 2026 04:47 PM IST

रुद्रप्रयाग में 156 करोड़ की पुल-सुरंग परियोजना पर ट्रायल शुरू हो गया है। केदारनाथ और बदरीनाथ हाईवे सीधे जुड़ने से यात्रियों को शहर के जाम से निजात मिलेगी।

Rudraprayag tunnel

मुख्य बातें

  • रुद्रप्रयाग में 1.18 किमी लंबे पुल-सुरंग बाईपास पर ट्रायल रन शुरू हुआ
  • एनएच-107 और एनएच-07 के सीधे जुड़ने से शहर में जाम थमेगा
  • गौरीकुंड हाईवे पर संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों की ढलान सुरक्षा पर काम तेज

रुद्रप्रयाग (26 अक्टूबर) : चारधाम यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार में हर साल लगने वाले भीषण जाम से अब तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को निजात मिलने जा रही है। 156 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अलकनंदा नदी पर बने 200 मीटर लंबे पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग वाले बाईपास पर सोमवार से ट्रायल के आधार पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर पहुंचकर परियोजना का मुआयना किया और साफ किया कि ट्रायल सफल रहते ही इसका औपचारिक लोकार्पण कर दिया जाएगा। इस मार्ग के चालू होने से केदारनाथ हाईवे (NH-107) और बदरीनाथ हाईवे (NH-07) सीधे आपस में जुड़ गए हैं, जिससे यात्रा सीजन में वाहनों को संकरे कस्बाई बाजार में नहीं घुसना पड़ेगा।

एनएच 107 और एनएच 07 सीधे जुड़े

चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत तैयार यह 1.18 किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार के लिए लाइफलाइन साबित होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों के साथ सुरंग और पुल की तकनीकी जांच की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाना है। नियमित आवागमन शुरू होते ही ऋषिकेश और श्रीनगर की ओर से बदरीनाथ या केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों के वाहन सीधे सुरंग के जरिए निकल जाएंगे। इससे स्थानीय निवासियों को रोजाना के ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी और यात्रा मार्ग पर गाड़ियों की रफ्तार बनी रहेगी।

पुराने बॉटलनेक से मुक्ति और भूस्खलन सुरक्षा

रुद्रप्रयाग संगम और मुख्य बाजार का संकरा भूगोल हमेशा से ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहा है। यात्रा के पीक सीजन में यहां कई किलोमीटर लंबा जाम लगना आम बात थी, जिससे आपातकालीन वाहनों तक के पहिए थम जाते थे। इस भौगोलिक रुकावट को दूर करने के लिए ही अलकनंदा के आर-पार पुल और सुरंग का खाका खींचा गया था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर संवेदनशील भूस्खलन वाले हिस्सों में चल रहे ढलान सुरक्षा और स्थिरीकरण कार्यों का भी जायजा लिया, ताकि बारिश के दिनों में मलबा आने से रास्ता अवरुद्ध न हो।

संगम लाइब्रेरी में छात्रों के लिए नई पहल

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की ओर से चलाई जा रही ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ मुहिम के तहत संगम लाइब्रेरी का भी मुआयना किया। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मुताबिक, इस जनसहभागिता अभियान से अब तक 2,500 से अधिक प्रतियोगी व साहित्यिक पुस्तकें जुटाई जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने खुद 150 किताबें भेंट करते हुए कहा कि दूरदराज के पर्वतीय इलाकों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह पहल मददगार बनेगी। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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