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देहरादून में त्योहार के बीच बत्ती रहेगी गुल, यूपीसीएल ने जारी किया शटडाउन का टाइम टेबल

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 30 Oct 2026 02:26 PM IST

देहरादून में 5 नवंबर तक बिजली कटौती का रोस्टर जारी। सीएम धामी ने सरकारी विभागों के 540 करोड़ बकाये पर सख्ती दिखाई और प्रीपेड मीटर लगाने के निर्देश दिए।

Dehradun Power Cut

मुख्य बातें

  • देहरादून के कई इलाकों में 5 नवंबर तक रहेगा बिजली शटडाउन।
  • सरकारी विभागों पर 540 करोड़ का बकाया, लगेंगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर।
  • अडानी पावर से 1234 मेगावाट बिजली खरीदेगा उत्तराखंड, मिली नियामकीय मंजूरी।

देहरादून (30 अक्टूबर) : त्योहारी सीजन की व्यस्तता के बीच राजधानी देहरादून के बड़े हिस्से को 5 नवंबर तक गंभीर बिजली संकट से जूझना पड़ेगा। एक तरफ जहां आम जनता मेंटिनेंस के नाम पर दिनभर अंधेरे में रहने को मजबूर है, वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार के ही विभाग उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) का 540 करोड़ रुपये का बिजली बिल दबाए बैठे हैं।

इस जमीनी हकीकत पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को समीक्षा बैठक में सभी बकायेदार विभागों को तत्काल भुगतान करने और सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का फरमान जारी किया है।

त्योहारी सीजन में जनता परेशान, विभागों पर भारी बकाया

यूपीसीएल की ओर से जारी शटडाउन शेड्यूल के मुताबिक शहर के बसंत विहार, ऊर्जा भवन, कौलागढ़ और नींबूवाला बिजलीघरों से जुड़े दर्जनों रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में आपूर्ति ठप रहेगी। बालावाला, कुआंवाला, मियांवाला, हर्रावाला और लक्ष्मणसिद्ध कॉलोनी में 30 अक्टूबर और 2 नवंबर को सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक पांच घंटे का कट रहेगा।

वहीं कौलागढ़, एफआरआई और विजयपार्क क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सुबह 10 से शाम 5 बजे तक लगातार सात घंटे बिजली कटौती झेलनी होगी। अधिशासी अभियंता मनोज अग्रवाल ने सुधार कार्यों के नाम पर सहयोग की अपील की है, लेकिन त्योहारी कारोबार के वक्त बिजली गुल होने से व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में भारी रोष है।

सरकारी दफ्तरों में अब लगेंगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी तंत्र की लेटलतीफी पर कड़े सवाल उठाए। सीएम ने स्पष्ट कहा कि जब सालाना बजट में बिजली बिलों के भुगतान का वित्तीय प्रावधान मौजूद है, तो समय पर राशि क्यों नहीं चुकाई जा रही। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि 540 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की वसूली के लिए तत्काल ठोस रणनीति बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों में तत्काल स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के निर्देश दिए, ताकि खपत के साथ ही बिल का समायोजन हो सके। साथ ही उत्तर प्रदेश के साथ ट्रांसफर स्कीम के तहत अटकी संपत्तियों और बकाये का निपटारा तेज करने को कहा गया।

अडानी पावर से खरीद और सौर योजना में राहत

सर्दियों में राज्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए विद्युत नियामक आयोग ने यूपीसीएल को अडानी पावर से 1234 मेगावाट थर्मल बिजली खरीदने की हरी झंडी दी है। वर्ष 2029 से शुरू होने वाले इस 25 वर्षीय समझौते के तहत 5.74 रुपये प्रति यूनिट की दर तय की गई है, जिससे राज्य का ग्रिड लोड स्थिर रह सके।

वहीं, आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए आयोग ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत सिंगल फेज के लिए 200 और थ्री-फेज के लिए 300 रुपये की अग्रिम मीटर टेस्टिंग फीस खत्म कर दी है। अब यह शुल्क पहले बिल में जुड़ेगा। इसके अतिरिक्त, यूपीसीएल और उपभोक्ताओं के बीच डिजिटल एग्रीमेंट को कानूनी मान्यता मिलने से अब लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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