देहरादून (23 अक्टूबर) : उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के लिए राज्य सरकार ने पासिंग मार्क्स में 5 फीसदी छूट की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी और बौद्धिक दिव्यांगता से जूझ रहे विद्यार्थियों को अब सामान्य 33 प्रतिशत की जगह केवल 28 प्रतिशत अंकों पर उत्तीर्ण माना जाएगा। कैबिनेट के कुल 26 फैसलों की जानकारी साझा करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसे सामाजिक बराबरी और संवेदनशील शासन की मिसाल बताया।
दिव्यांग छात्रों को बोर्ड परीक्षा में मिली बड़ी छूट
कैबिनेट के इस फैसले से प्रदेश के सैकड़ों विशेष छात्रों और उनके अभिभावकों का मानसिक तनाव कम होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के मानकों के तहत अब तक ऐसे छात्रों को सामान्य बच्चों की तरह 33 फीसदी अंक लाने पड़ते थे। नए संशोधन के बाद बोर्ड परीक्षा परिणाम में यह रियायत तुरंत प्रभाव से लागू की जाएगी।
इसके अलावा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के मेधावी युवाओं के लिए संचालित निशुल्क कोचिंग योजना की आय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई है। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के हजारों अतिरिक्त छात्र सिविल सेवा और मेडिकल-इंजीनियरिंग की तैयारी कर सकेंगे।
खिलाड़ियों को मुफ्त बस यात्रा और नया टूरिज्म ढांचा
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर के पदक विजेताओं को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में आजीवन फ्री सफर की सुविधा दी गई है। ग्रासरूट स्तर पर कोचिंग व्यवस्था मजबूत करने के लिए ‘एक जिला, एक खेल’ के तहत 14 मुख्य खेल प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी। पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश और रोजगार बढ़ाने के मकसद से ‘उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन’ के गठन पर मुहर लगाई गई है। यह कॉरपोरेशन राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, ट्रेकिंग और विंटर स्पोर्ट्स की नई गाइडलाइंस तैयार करेगा, ताकि स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से सीधे जोड़ा जा सके।
एकल नारी सम्मान योजना और जौनसारी पहचान पर फैसला
सामाजिक सुरक्षा की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने ‘भरण-पोषण अनुदान योजना’ का नाम बदलकर ‘मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना’ कर दिया है। इससे निराश्रित और एकल महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक मदद सीधे उनके स्वाभिमान से जुड़ेगी। वहीं, चकराता और जौनसार-बावर क्षेत्र की दशकों पुरानी मांग को सुलझाते हुए कैबिनेट ने आधिकारिक अभिलेखों में त्रुटिवश दर्ज ‘जन्नासरी’ शब्द को संशोधित कर ‘जौनसारी’ करने की संस्तुति केंद्र सरकार को भेज दी है। प्रशासनिक स्तर पर सभी विभागों को कैबिनेट प्रस्तावों की अधिसूचना एक हफ्ते के भीतर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।




