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उत्तराखंड : ऑनलाइन गेम के कर्ज में डूबे छात्र ने दी जान, अस्पताल के बेड से बनाया दर्दनाक वीडियो

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 07 May 2026 02:55 PM IST

कालाढूंगी के कोटाबाग में एक 17 वर्षीय पॉलीटेक्निक छात्र ने ऑनलाइन गेमिंग में कर्ज के चलते जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने अस्पताल से वीडियो जारी कर एक युवक पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए परिजनों ने जमकर प्रदर्शन किया।

उत्तराखंड : ऑनलाइन गेम के कर्ज में डूबे छात्र ने दी जान, अस्पताल के बेड से बनाया दर्दनाक वीडियो

मुख्य बातें

  • मृतक छात्र कोटाबाग के एक वन पंचायत सरपंच का बेटा था।
  • वायरल वीडियो में किशोर ने ₹3000 के कर्ज और धमकी मिलने की बात कही है।
  • परिजनों ने पुलिस पर साक्ष्य (मोबाइल) छीनने और सट्टेबाजों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

कालाढूंगी, 08 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। कालाढूंगी के कोटाबाग क्षेत्र में ऑनलाइन गेमिंग और कर्ज के दबाव ने एक और घर का चिराग बुझा दिया। कोटाबाग निवासी एक वन पंचायत सरपंच के 17 वर्षीय बेटे ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पॉलीटेक्निक प्रथम वर्ष के इस छात्र की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है।

परिजनों ने शव के साथ कोतवाली पहुंचकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि क्षेत्र में फल-फूल रहे जुए और सट्टे के कारोबार ने उनके बेटे की जान ली है।

घटना बुधवार सुबह की है जब किशोर ने घर पर ही जहरीला पदार्थ गटक लिया। उसे तत्काल सीएचसी कोटाबाग और फिर हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। किशोर ने मौत से ठीक पहले एंबुलेंस और अस्पताल के बेड पर अपना बयान रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने एक स्थानीय युवक का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उसने ₹3000 के उधारी के लिए उसे जान से मारने की धमकी दी थी।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, परिजनों का हंगामा

मृतक के पिता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उनके घर पहुंचकर छोटे बेटे से मृतक का मोबाइल फोन छीन लिया। परिजनों ने कोतवाली में प्रदर्शन करते हुए कहा कि कालाढूंगी और कोटाबाग में सट्टे और जुए का अवैध धंधा पुलिस की नाक के नीचे चल रहा है, जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। परिजनों की मांग थी कि आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी हो, जिसके आश्वासन के बाद ही उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया।

आरोपी और पुलिस का पक्ष

दूसरी ओर, नामजद युवक ने एक वीडियो जारी कर खुद को बेगुनाह बताया है। उसका दावा है कि उसने दोस्ती में पैसे उधार दिए थे और कोई धमकी नहीं दी। एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया है। ई-साक्ष्य और डिजिटल रिकॉर्ड्स के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस ऑनलाइन गेमिंग और पैसे के लेन-देन के सभी बिंदुओं पर तफ्तीश कर रही है।

ऑनलाइन गेमिंग एक ‘बिहेवियरल एडिक्शन’

इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए हल्द्वानी एसटीएच की मनोचिकित्सक डॉ. निकिता देऊपा ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग की लत भी नशीले पदार्थों के सेवन जैसी ही घातक है। इसे ‘बिहेवियरल एडिक्शन’ कहा जाता है, जहां डोपामाइन की चाहत में किशोर दलदल में फंस जाते हैं। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों के व्यवहार में बदलाव आने पर उनसे संवेदनशीलता से बात करें और अचानक मोबाइल छीनने जैसे कठोर कदमों से बचें।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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