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Uttarakhand Weather : पिथौरागढ़ में कुदरत का कहर! मूसलाधार बारिश से 20 सड़कें बंद, जगह-जगह फंसे सैकड़ों यात्री

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 17 Jul 2026 08:14 PM IST

पिथौरागढ़ जिले में गुरुवार रात हुई मूसलाधार बारिश से धारचूला-तवाघाट मार्ग समेत 20 सड़कें मलबे के कारण बंद हो गई हैं। थल के नायल सपोली गांव में मकान की दीवार टूटने से मवेशी दब गए और कई यात्री मुख्य मार्गों पर फंसे हुए हैं।

Uttarakhand Weather : पिथौरागढ़ में कुदरत का कहर! मूसलाधार बारिश से 20 सड़कें बंद, जगह-जगह फंसे सैकड़ों यात्री

मुख्य बातें

  • थल तहसील में सर्वाधिक 199 मिमी बारिश दर्ज।
  • धारचूला-तवाघाट सहित 20 सड़कों पर मलबा गिरा।
  • नायल सपोली में भूस्खलन से मवेशी दबे।
  • जिले के सभी स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश घोषित।

पिथौरागढ़, 17 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand Weather : उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। गुरुवार रात भर हुई बारिश से धारचूला-तवाघाट मार्ग समेत जिले की 20 सड़कों पर मलबा आ गया है। चीन सीमा को जोड़ने वाले मुख्य रास्ते पूरी तरह बंद हैं। सैकड़ों यात्री अलग-अलग मार्गों पर फंसे हुए हैं। खराब मौसम को देखते हुए शुक्रवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

थल तहसील के नायल सपोली गांव में भारी भूस्खलन हुआ है। यहां नारायण राम के मकान की दीवार अचानक ढह गई। गौशाला में बंधे मवेशी मलबे के नीचे दब गए। परिवार ने रात भर जागकर टार्च की रोशनी में पत्थर हटाए। भारी मशक्कत के बाद घायल मवेशियों को मलबे से बाहर निकाला जा सका।

गुरुवार रात जिले में अलग-अलग स्थानों पर बारिश का स्तर अलग रहा। थल तहसील में सबसे ज्यादा 199 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। तेजम में 130 मिमी और बंगापानी में 110 मिमी बारिश हुई। डीडीहाट में 84 मिमी पानी बरसा। धारचूला में 54 मिमी, बेरीनाग में 50 मिमी और देवलथल में 41 मिमी बारिश दर्ज की गई। कनालीछीना में यह आंकड़ा 36.4 मिमी रहा। गणाई गंगोली में 20.5 मिमी और गंगोलीहाट में 18 मिमी बारिश हुई। मुनस्यारी में 12.6 मिमी पानी गिरा। पिथौरागढ़ मुख्य शहर में सबसे कम 11.6 मिमी बारिश मापी गई है।

मलबा गिरने से जिले की कई प्रमुख और संपर्क सड़कें बाधित हैं। धारचूला-तवाघाट मार्ग बंद पड़ा है। थल-मुनस्यारी और थल-डीडीहाट मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप है। उडियारीबैंड-थल और सातशिलिंग-थल सड़कों पर भारी मलबा जमा है। थल-पांखू तथा देवीसूना-खेतारकन्याल गराली मार्ग बंद होने से संपर्क कट गया है।

डीडीहाट-आदिचौरा खूना मोटर मार्ग मलबा आने से बंद है। डीडीहाट-दूनाकोट और तवाघाट-ठानीधार मार्ग पर गाड़ियां फंसी हैं। ड्योड़ा-बारमों और एलागाड़-जुम्मा सड़क भी मलबे से पटी है। सोबला-उमचिया, कालिका-खुमती और बंगापानी-जारा जिबली मार्गों पर आवाजाही रुक गई है। घट्टाबगड़-तांकुल, होकरा-नामिक, बांसबगड़-कोटा, नाचनी-भैंसकोट और डीडीहाट-आदिचौरा सीणी चामा मोटर मार्गों पर भी मलबा गिरा है।

थल-चौकोड़ी सड़क पर कई जगहों पर भूस्खलन दर्ज हुआ है। दर्जनों विशालकाय पेड़ सड़क पर गिर गए हैं। भारी पेड़ों की चपेट में आने से क्रैश बैरियर टूट गए हैं। वन विभाग और प्रशासन पेड़ों को काटकर सड़क खोलने का काम कर रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र सिंह महर ने नुकसान का जायजा लिया है। राजस्व विभाग की टीमें नुकसान वाले स्थानों पर पहुंचकर क्षति का आकलन कर रही हैं। बंद सड़कों को जल्द खोलने की कार्रवाई चल रही है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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