उत्तरकाशी। उत्तराखंड सरकार ने जिले की दो प्रमुख घाटियों, गंगा और यमुना घाटी के बीच वर्षों पुरानी दूरी की दीवार को गिराने की तैयारी पूरी कर ली है। शासन ने बणगांव-चौपड़ा-कसलाना सड़क परियोजना के लिए ₹2.14 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है।
लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव विनीत कुमार की ओर से जारी आदेश के बाद अब इस सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। वर्तमान में यमुना घाटी के पुरोला और नौगांव क्षेत्र से गंगा घाटी के बणगांव या चिन्यालीसौड़ जाने के लिए लोगों को राड़ीटॉप और ब्रह्मखाल के खतरनाक मोड़ों से होकर 70 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता है।
नई सड़क बनने के बाद यह दूरी सिमटकर मात्र 5 किलोमीटर रह जाएगी। भौगोलिक दृष्टि से ये दोनों क्षेत्र एक-दूसरे के बेहद करीब हैं और पैदल रास्ता महज 1 से 2 घंटे का है, लेकिन मोटर मार्ग न होने से स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
इस परियोजना का सीधा प्रभाव यमुनोत्री और पुरोला विधानसभा क्षेत्र की लगभग 50 हजार की आबादी पर पड़ेगा। विशेष रूप से दस्की, हातड़, गोदड़ और खाटल पट्टी के ग्रामीणों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। इन क्षेत्रों के बीच सदियों पुराने ‘रोटी-बेटी’ के संबंध हैं, जो सड़क सुविधा के अभाव में अब तक काफी कष्टकारी थे।
ऐतिहासिक रूप से यह मांग पिछले 25 वर्षों से उठाई जा रही थी। साल 2022 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने उत्तरकाशी दौरे के दौरान जनता की इस पीड़ा को समझते हुए सड़क निर्माण की आधिकारिक घोषणा की थी।
जानकारों का मानना है कि इस मार्ग के खुलने से न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलेगी। सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से भी यह लिंक रोड उत्तरकाशी के आंतरिक हिस्सों को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।










