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Pauri Leopard Attack : पौड़ी में आदमखोर का आतंक, घर के मुखिया को निवाला बनाने के बाद भड़के ग्रामीण

पौड़ी गढ़वाल के कोट ब्लॉक में गुलदार के हमले में जान गंवाने वाले प्रकाश लाल का परिजनों ने भारी विरोध और मुआवजे के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार कर दिया है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये और अतिरिक्त आर्थिक सहायता का भरोसा दिया है, जिसके बाद देवप्रयाग में अंत्येष्टि संपन्न हुई।

Pauri Leopard Attack : पौड़ी में आदमखोर का आतंक, घर के मुखिया को निवाला बनाने के बाद भड़के ग्रामीण

HIGHLIGHTS

  • मृतक प्रकाश लाल के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा और दिव्यांग पत्नी को मासिक सहायता का आश्वासन।
  • आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए क्षेत्र में 4 पिंजरे और 15 ट्रैप कैमरे लगाए गए।
  • टिहरी और रुद्रप्रयाग से बुलाए गए विशेष शूटर, क्षेत्र में दहशत के बीच वन विभाग की गश्त तेज।

पौड़ी। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में हुए पौड़ी गुलदार हमला (Pauri Leopard Attack) के बाद उपजा आक्रोश प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ है। कोट ब्लॉक के जामलाखाल क्षेत्र में गुलदार का शिकार बने 45 वर्षीय प्रकाश लाल के परिजनों ने प्रशासन से ठोस आर्थिक मदद का आश्वासन मिलने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया।

इससे पहले, मृतक के परिजनों ने पौड़ी जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस से शव ले जाने से साफ इनकार कर दिया था, जिससे मौके पर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी।

परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट

बलमणा गांव के निवासी प्रकाश लाल ही अपने घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी मृत्यु के बाद परिवार पूरी तरह बिखर गया है। परिजनों का तर्क था कि प्रकाश की पत्नी दिव्यांग हैं और उनके दोनों बेटे अभी अविवाहित हैं और निजी नौकरियों के सहारे किसी तरह गुजारा कर रहे हैं। परिजनों ने मांग की कि केवल एकमुश्त मुआवजा काफी नहीं है, बल्कि दिव्यांग मां के भरण-पोषण के लिए सरकार को प्रतिमाह पेंशन या आर्थिक सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए।

प्रशासन और वन विभाग की घेराबंदी

ग्रामीणों के भारी विरोध को देखते हुए प्रशासन ने परिवार को 10 लाख रुपये के मुआवजे का भरोसा दिया है। साथ ही, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मासिक सहायता की मांग को शासन स्तर तक भेजा जाएगा। इस सहमति के बाद परिजनों ने देवप्रयाग संगम पर मृतक का अंतिम संस्कार किया। वर्तमान में पूरे जामलाखाल और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है, जिसके चलते लोग शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं।

आदमखोर को पकड़ने के लिए विशेष शूटर तैनात

वन विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है। पौड़ी के डीएफओ महातिम यादव ने बताया कि गुलदार की निगरानी के लिए 15 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और उसे पकड़ने के लिए 4 पिंजरे सक्रिय कर दिए गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टिहरी और रुद्रप्रयाग से दो विशेषज्ञ शूटरों को भी बुलाया गया है।

विभाग की पहली प्राथमिकता गुलदार को सुरक्षित रूप से ट्रेंकुलाइज करने की है, लेकिन खतरा टलने की स्थिति न होने पर उसे अंतिम विकल्प के रूप में शूट करने के आदेश भी दिए जा सकते हैं।


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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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