रुद्रपुर, 11 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)।
Rudrapur News : ऊधमसिंह नगर जनपद के मुख्यालय रुद्रपुर में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर औचक छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर की गई इस कार्रवाई में कुल 9 केंद्रों का निरीक्षण किया गया। नियमों के गंभीर उल्लंघन पर टीम ने एक निजी अस्पताल की दो अल्ट्रासाउंड मशीनों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।
अधिकारियों की मौजूदगी में सघन जांच

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. केके अग्रवाल के निर्देशों पर शुरू हुए इस अभियान का नेतृत्व नोडल अधिकारी डॉ. एसपी सिंह और प्रभारी नायब तहसीलदार राधेश्याम राणा ने संयुक्त रूप से किया। टीम में राजस्व विभाग से लेखपाल अमित पांडे, सामाजिक विशेषज्ञ बिंदु वासिनी, जिला समन्वयक प्रदीप महर और अधिशासी सहायक गोपाल आर्य शामिल रहे। टीम ने शहर के प्रमुख डायग्नोस्टिक सेंटरों और अस्पतालों में पहुंचकर अभिलेखों की बारीकी से जांच की।
रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति पर हुई सीलिंग
निरीक्षण के दौरान टीम ने केंद्रों पर फॉर्म-F के रख-रखाव, मरीजों के रिकॉर्ड और अनिवार्य सूचना पट्टों की उपलब्धता को परखा। इस दौरान एक चिकित्सालय में गंभीर अनियमितता मिली। अस्पताल में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित थीं, लेकिन मौके पर कोई भी अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं था। नियमों के अनुसार, रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में मशीनों का संचालन या उपलब्धता संदिग्ध मानी जाती है। इसी आधार पर टीम ने दोनों मशीनों को सील कर दिया। अस्पताल प्रबंधन को सख्त हिदायत दी गई है कि भविष्य में बिना विशेषज्ञ के मशीनों का संचालन न किया जाए।
लिंग जांच के खिलाफ सख्त रुख
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करना है। उन्होंने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत लिंग जांच पूरी तरह प्रतिबंधित है और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कठोर दंड सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।








