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उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जीत, मानदेय में ₹140 प्रतिदिन की वृद्धि पर लगी मुहर

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sun, 03 May 2026 07:21 PM IST

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई सफल वार्ता के बाद उत्तराखंड के आंगनबाड़ी संगठनों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। सरकार ने मानदेय में ₹140 प्रतिदिन की वृद्धि और अन्य मांगों पर सहमति जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जीत, मानदेय में ₹140 प्रतिदिन की वृद्धि पर लगी मुहर

मुख्य बातें

  • मानदेय में ₹140 प्रतिदिन की राज्य स्तरीय बढ़ोतरी को मुख्यमंत्री की मंजूरी।
  • बिना सहमति ₹300 की किसी भी प्रकार की कटौती पर विभाग ने लगाई रोक।
  • आंदोलन के दौरान धरने पर रहने वाली कार्यकत्रियों के मानदेय में नहीं होगी कोई कटौती।

देहरादून, 03 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में लंबे समय से मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सेविकाओं और मिनी कर्मचारियों के लिए शनिवार का दिन राहत भरा रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ संगठन के प्रतिनिधिमंडल की हुई बैठक में मानदेय बढ़ाने पर सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख और ठोस आश्वासन के बाद आंगनबाड़ी संगठन ने फिलहाल अपना धरना स्थगित करने का निर्णय लिया है।

प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी के नेतृत्व में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों को जायज मानते हुए ₹140 प्रतिदिन की मानदेय बढ़ोतरी पर अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस वृद्धि के संबंध में अविलंब शासन स्तर से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मानदेय वृद्धि और केंद्र का प्रस्ताव

बैठक के दौरान सचिव चंद्रेश यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से की गई वृद्धि के अतिरिक्त, केंद्र सरकार की तरफ से भी ₹150 प्रतिदिन की बढ़ोतरी का एक प्रस्ताव विभागीय स्तर पर पहले ही भेजा जा चुका है। संगठन की अध्यक्ष रेखा नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ मांग पत्र के हर बिंदु पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सरकार का रुख पूरी तरह सहयोगी रहा।

कटौती पर रोक और अन्य राहत

वार्ता में एक प्रमुख मुद्दा मानदेय से होने वाली ₹300 की कटौती का था। सरकार और विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आंगनबाड़ी कर्मी की सहमति के बिना उनके मानदेय से यह राशि नहीं काटी जाएगी। इसके अलावा, विभाग ने यह भी आश्वस्त किया है कि जो कार्यकत्रियां आंदोलन या धरने पर शामिल थीं, उनके मानदेय में विरोध प्रदर्शन के आधार पर कोई कटौती नहीं की जाएगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन के उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें कार्मिक सचिव शैलेश बगौली, सचिव चंद्रेश यादव, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास निदेशक बंशीलाल राणा और राज्य परियोजना अधिकारी मोहित चौधरी शामिल थे। वार्ता सफल होने पर चीफ कोऑर्डिनेटर इंद्रजीत सिंह कडाकोटी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने सरकार का आभार व्यक्त किया है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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