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‘गधे-घोड़े’ वाले बयान पर भड़के नेता ने छोड़ी भाजपा, थामा कांग्रेस का हाथ

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sat, 24 Oct 2026 07:12 PM IST

देहरादून में एस.पी. सूरी ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी की। 'गधे-घोड़े' वाले अपमानजनक बयान से आहत होकर नेता ने साथियों संग बदला पाला।

Uttarakhand Congress

मुख्य बातें

  • 'गधे-घोड़े' वाले विवादित बयान से आहत होकर एस.पी. सूरी ने छोड़ी भाजपा।
  • पटेलनगर के वरिष्ठ नेता एस.पी. सूरी ने समर्थकों संग की कांग्रेस में घर-वापसी।
  • सूर्यकांत धस्माना और डॉ. जसविंदर गोगी ने दिलाई कांग्रेस की सदस्यता।

देहरादून (24 अक्टूबर) : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में राजनीतिक सरगर्मियां उस वक्त तेज हो गईं जब एक साल पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने वाले वरिष्ठ नेता एस.पी. सूरी ने पार्टी के भीतर हुए अपमानजनक बयानों से आहत होकर अपने समर्थकों के साथ फिर से कांग्रेस का दामन थाम लिया। पटेलनगर क्षेत्र के इन दिग्गजों की घर-वापसी से दून की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं।

अपमानजनक बयानों से आहत होकर छोड़ी भाजपा

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित सादे लेकिन असरदार कार्यक्रम के दौरान एस.पी. सूरी ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अपनों और अपने घर की असली कीमत तब समझ आती है जब कोई व्यक्ति विरोधी खेमे में जाता है। सूरी के मुताबिक, भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस से गए नेताओं को पार्टी के ही एक मीडिया प्रमुख द्वारा ‘गधे-घोड़े’ कहे जाने जैसी टिप्पणियों ने अंदर तक आहत किया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत भाजपा से नाता तोड़ने और अपनी पुरानी पार्टी में लौटने का फैसला किया। इस दौरान उनके साथ एस.एन. उपाध्याय, जुल्फान और मेघराज राठौर जैसे अन्य प्रमुख साथी भी कांग्रेस परिवार में शामिल हो गए।

एक साल का सियासी सफर और अंदरूनी कलह

बता दें कि एस.पी. सूरी पिछले साल ही कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि सत्ताधारी दल के भीतर बाहर से आए नेताओं को लेकर समन्वय और सम्मान की कमी लगातार बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर मीडिया बयानों और सांगठनिक उपेक्षा के चलते नेताओं का मोहभंग होना अब खुलकर सामने आने लगा है। विपक्ष इस घटना को सत्तारूढ़ दल की भीतरखाने चल रही कलह और असंतोष का बड़ा प्रमाण मान रहा है।

सांगठनिक सुदृढ़ता और भविष्य की राजनीतिक चाल

पार्टी में वापसी कराने वाले प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने दो टूक शब्दों में कहा कि गलतियों से सबक लेना ही इंसान की समझदारी है, लेकिन जानबूझकर की गई पुनरावृत्ति अक्षम्य होती है। महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने इस मौके पर कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर राष्ट्रीय नेतृत्व के संघर्ष में जुटने की अपील की। इस सियासी ड्रामे के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी स्थानीय और विधानसभा चुनावों में यह घर-वापसी किस तरह से राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करती है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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