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Uttarakhand Cabinet Decisions : प्राइवेट नौकरी वालों की मौज, उत्तराखंड में अब ओवरटाइम का मिलेगा डबल पैसा

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 07 Aug 2026 10:56 PM IST

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पशुपालकों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं के हित में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार ने नई मजदूर नियमावली 2026 लागू करने के साथ ही हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार और हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने के लिए जमीन को मंजूरी दे दी है।

Uttarakhand Cabinet Decisions : प्राइवेट नौकरी वालों की मौज, उत्तराखंड में अब ओवरटाइम का मिलेगा डबल पैसा

मुख्य बातें

  • सामान्य वर्ग को पशुपालन पर 60% की सब्सिडी
  • ओवरटाइम का डबल पैसा, 7 को मिलेगी सैलरी
  • हल्द्वानी के लामाचौड़ शिफ्ट होगा नैनीताल हाईकोर्ट
  • गंगा एक्सप्रेसवे का मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार

देहरादून, 7 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand Cabinet Decisions : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हुई। महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने मीडिया को सरकार के नए नीतिगत फैसलों की जानकारी दी। सरकार ने राज्य के पशुपालकों, दिहाड़ी मजदूरों और आधारभूत ढांचे को लेकर कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई है।

राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब सामान्य वर्ग के पशुपालक भी इस योजना के दायरे में आएंगे। पहले यह योजना सिर्फ सीमित वर्गों तक सिमटी हुई थी और बहुसंख्यक पशुपालक इसका लाभ नहीं ले पाते थे।

सरकार ने पशु खरीदने के लिए यूनिट लागत की सीमा को 40 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधा 60 हजार रुपये कर दिया है। सामान्य वर्ग के लोगों को पशु खरीदने पर 60 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के पशुपालकों के लिए यह सब्सिडी 90 प्रतिशत तय की गई है।

लाभार्थी अब सिर्फ गाय तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्हें सरकारी अनुदान पर भैंस खरीदने का भी विकल्प मिलेगा। वर्ष 2026 के शुरुआती चरण में राज्य के 2,128 पशुपालकों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश के औद्योगिक और निजी क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति दे दी है। केंद्र की मजदूरी संहिता 2019 के आधार पर राज्य ने यह नया ढांचा तैयार किया है। कंपनियों को अब हर महीने की 7 तारीख तक अपने कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन डालना अनिवार्य होगा।

कर्मचारियों को तय शिफ्ट से ज्यादा काम करने पर अब उनके ओवरटाइम का दोगुना भुगतान किया जाएगा। सरकार ने सभी संस्थानों में डिजिटल भुगतान को अनिवार्य कर दिया है। महिला और पुरुष कर्मचारियों को एक समान कार्य के लिए एक समान वेतन देने का सख्त नियम लागू कर दिया गया है।

नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने की प्रक्रिया एक कदम और आगे बढ़ गई है। कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में चिन्हित 73 हेक्टेयर वन भूमि में से 40 हेक्टेयर जमीन हाईकोर्ट परिसर के लिए हस्तांतरित करने का प्रस्ताव पास कर दिया है। पहाड़ से नीचे मैदान में न्यायिक कामकाज आने से प्रदेशभर के आम वादियों को बड़ी राहत मिलेगी।

मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार का रास्ता भी साफ हो गया है। उत्तराखंड सरकार ने इस विशाल सड़क परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने को अपनी हरी झंडी दे दी है। दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का सफर इस एक्सप्रेसवे के बनने से काफी छोटा हो जाएगा।

गौलापार में बन रहे उत्तराखंड राज्य खेल विश्वविद्यालय के संचालन का खाका सरकार ने खींच लिया है। कैबिनेट ने इस विश्वविद्यालय में 122 नियमित पदों के सृजन को अपनी मंजूरी दी है। तकनीकी और सहायक कर्मचारियों की भर्ती आउटसोर्सिंग के जरिए की जाएगी।

वन विकास निगम में भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार उठ रहे सवालों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। निगम में स्केलर पदों पर होने वाली भर्तियों में अब 100 अंकों की लिखित परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है। लिखित परीक्षा के आधार पर ही मेरिट बनेगी जिससे चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी हो सके।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया गया है। कैबिनेट ने इन छात्रावासों के संचालन के लिए एक नई नियमावली लागू की है। छात्रों को अब पहले से बेहतर भोजन, उच्च गुणवत्ता वाली आवास सुविधाएं और आधुनिक शैक्षणिक संसाधन मुहैया कराए जाएंगे।

राज्य में ईको-टूरिज्म को रफ्तार देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति का स्वरूप भी बदला गया है। समिति में अब वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। पर्यटन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और स्थानीय लोगों की भागीदारी को मुख्य एजेंडे में रखा गया है।

राज्य सरकार उत्तराखंड जीएसटी अधिनियम 2017 में नए बदलाव करने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी कानूनों में किए गए हालिया संशोधनों के अनुरूप राज्य सरकार जल्द ही एक अध्यादेश लेकर आएगी। कैबिनेट ने इस अध्यादेश के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है।

जल जीवन मिशन के तहत चल रही ग्रामीण पेयजल योजनाओं का पूरा नियंत्रण अब स्थानीय स्तर पर होगा। सरकार ने केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल को अपनाते हुए इन योजनाओं को ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सौंपने का निर्णय लिया है। गांवों में पानी की सप्लाई और रखरखाव की जिम्मेदारी अब सीधे पंचायत प्रतिनिधियों के हाथ में होगी।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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