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Pregnancy Abnormalities : प्रेगनेंसी में अचानक गायब हो सकता है एक जुड़वां बच्चा? जानिए इसके पीछे की वजह

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rama Pun Updated Tue, 11 Aug 2026 10:34 AM IST

प्रेग्नेंसी की शुरुआती तिमाही में जुड़वां भ्रूणों में से एक का विकास रुक जाना और शरीर द्वारा उसे सोख लेना वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम कहलाता है। यह एक स्वाभाविक बायोलॉजिकल प्रक्रिया है, जिससे दूसरे स्वस्थ बच्चे के विकास पर आमतौर पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता।

Pregnancy Abnormalities

Pregnancy Abnormalities : प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में जब अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में दो नन्ही धड़कनें सुनाई देती हैं, तो माता-पिता की खुशी दोगुनी हो जाती है।

लेकिन कई बार अगली जांच में डॉक्टर बताते हैं कि अब गर्भ में सिर्फ एक ही बच्चा बढ़ रहा है। अचानक मिली यह खबर परेशान कर सकती है, लेकिन मेडिकल साइंस में इसे वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम (VTS) कहा जाता है।

यह स्थिति तब बनती है जब शुरुआती हफ्तों में दो में से एक भ्रूण का विकास स्वाभाविक रूप से रुक जाता है।

भ्रूण ‘गायब’ होने के पीछे का विज्ञान

वास्तव में कोई बच्चा अचानक गायब नहीं होता। प्रेग्नेंसी के शुरुआती हफ्तों में भ्रूण का आकार कुछ मिलीमीटर ही होता है।

जब किसी आनुवंशिक या शारीरिक कारण से एक भ्रूण का विकास रुक जाता है, तो महिला का इम्यून सिस्टम उस टिश्यू को कुदरती तरीके से सोख (absorb) लेता है।

यह प्रक्रिया ठीक वैसे ही काम करती है जैसे शरीर किसी छोटी खरोंच या खून के थक्के को खुद ब खुद ठीक कर लेता है। ज्यादातर मामलों में इसके लिए किसी सर्जरी या मेडिकल प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ती।

मुख्य कारण: मां की कोई गलती नहीं होती

कई महिलाएं यह सोचने लगती हैं कि शायद चलने, झुकने, यात्रा करने या तनाव लेने से ऐसा हुआ। डॉक्टर साफ करते हैं कि इस स्थिति में मां की कोई भूमिका नहीं होती। इसके प्रमुख कारण ये हैं:

क्रोमोसोमल असामान्यताएं: अधिकांश मामलों में भ्रूण के निर्माण के दौरान क्रोमोसोम (गुणसूत्र) की संख्या में गड़बड़ी हो जाती है। प्रकृति ऐसे भ्रूण का विकास रोक देती है जो आगे जीवित रहने में सक्षम नहीं होते।

प्लेसेंटा से जुड़ी समस्याएं: अगर दोनों भ्रूणों में से एक को सही मात्रा में रक्त और पोषक तत्व नहीं मिलते, तो उसका बढ़ना बंद हो सकता है।

इम्प्लांटेशन में दिक्कत: जब भ्रूण गर्भाशय की दीवार से पूरी तरह नहीं जुड़ पाता, तो उसे पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता।

पहचान कैसे करें?

कई महिलाओं को इसके कोई लक्षण महसूस नहीं होते और रूटीन अल्ट्रासाउंड में ही इसका पता चलता है। हालांकि, कुछ मामलों में ये संकेत दिख सकते हैं:

  • हल्की ब्लीडिंग या भूरे रंग की स्पॉटिंग
  • पेट के निचले हिस्से में हल्का ऐंठन या दर्द
  • प्रेग्नेंसी के लक्षणों (जैसे जी मिचलाना) में अचानक थोड़ी कमी आना

दूसरे बच्चे की सुरक्षा का सच

यदि वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम प्रेग्नेंसी के पहले 12 हफ्तों के दौरान होता है, तो गर्भ में पल रहे दूसरे बच्चे को आमतौर पर कोई खतरा नहीं होता। बचा हुआ भ्रूण पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ रूप से विकसित होता है।

यदि ऐसा पहली तिमाही के बाद होता है, तो डॉक्टर स्थिति पर करीबी नजर रखते हैं ताकि दूसरे बच्चे की सेहत बनी रहे।

प्रेग्नेंसी के दौरान कोई भी असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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