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जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने बीजेपी का साथ छोड़ थामा कांग्रेस का हाथ

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Mon, 19 Oct 2026 01:48 PM IST

2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने बीजेपी छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया।

Ramsharan Nautiyal

मुख्य बातें

  • 2022 में चकराता से बीजेपी प्रत्याशी रहे रामशरण नौटियाल कांग्रेस में लौटे
  • दिल्ली में प्रभारी कुमारी सैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कराई ज्वाइनिंग
  • 2027 चुनाव से पहले जौनसार-बावर क्षेत्र में सियासी समीकरण पूरी तरह बदले

नई दिल्ली (19 अक्टूबर) : उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर की सियासत में बड़ा उलटफेर सामने आया है। मशहूर पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल के पिता और देहरादून के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल ने भारतीय जनता पार्टी को अलविदा कहकर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। कुछ ही दिन पहले नौटियाल ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद से ही उनके पुराने दल में लौटने के कयास लगाए जा रहे थे।

चकराता में 2022 के सियासी प्रतिद्वंद्वी अब एक पाले में आए

रामशरण नौटियाल की इस वापसी का सबसे बड़ा राजनीतिक पहलू चकराता विधानसभा सीट का स्थानीय समीकरण है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने नौटियाल पर भरोसा जताते हुए उन्हें चकराता से अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया था। उस चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने उन्हें कड़े मुकाबले में हराया था। अब नौटियाल के कांग्रेस में आने के बाद जौनसार-बावर के दो पारंपरिक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एक ही बैनर तले आ गए हैं।

इस सियासी कदम से चकराता क्षेत्र में बीजेपी को नए सिरे से अपनी रणनीति तय करनी होगी, क्योंकि नौटियाल का स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच पुराना जनाधार माना जाता है।

पुराने घर में वापसी के साथ बीजेपी में उपेक्षा के आरोप

दिल्ली में ज्वाइनिंग के दौरान उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य मंच पर मौजूद रहे। कुमारी सैलजा ने पार्टी में उनका स्वागत करते हुए कहा कि नौटियाल पुराने कांग्रेसी साथी रहे हैं और पिछले कुछ समय से बीजेपी के भीतर नीति और कामकाज के स्तर पर घुटन महसूस कर रहे थे।

वहीं, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि रामशरण नौटियाल के लंबे प्रशासनिक व सांगठनिक अनुभव से पार्टी संगठन को पूरे गढ़वाल मंडल में मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि नौटियाल बीजेपी में शामिल होने से पहले लंबे समय तक कांग्रेस की मुख्यधारा की राजनीति और जिला पंचायत की व्यवस्था से जुड़े रहे थे।

2027 चुनाव से पहले जौनसार बावर की राजनीति में बड़ा मोड़

उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए 2027 के आम चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने जमीनी स्तर पर गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। चकराता सीट दशकों से कांग्रेस का अजेय दुर्ग मानी जाती रही है, जहां बीजेपी 2022 में नौटियाल के सहारे सेंध लगाने की कोशिश में थी। अब नौटियाल के पाला बदलने के बाद बीजेपी के पास इस सुरक्षित आदिवासी सीट पर मजबूत स्थानीय चेहरे की तलाश एक बड़ी चुनौती बन गई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में चकराता और आसपास के ग्रामीण इलाकों से कई पंचायत प्रतिनिधि भी दल बदल का रुख कर सकते हैं।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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